बुधवार को इटारसी रूट रिले सिस्टम में लगी आग के कारण रेल संचालन अब तक बिगड़ा हुआ है। रूट डायवर्जन के चलते ट्रेनों में यात्रियों की रेलमपेल मची हुई है। भीड़ के कारण पैसेंजर कोचों में पैर रखने तक की जगह नहीं है। वहीं कई ट्रेनों के निरस्त होने से यात्रियों को दूसरी ट्रेनों में यात्रा के लिए टिकट परमिट बनवाना पड़ा। वहीं सोमवार को रेलवे बोर्ड ने ट्रेनों को निर्धारित रूट से चलाने के निर्देश जारी किए हैं।
शोलापुर निवासी प्रताप गाड़ी संख्या 12627 डाउन कर्नाटका एक्सप्रेस से शोलापुर से झांसी आए। यहां से उन्हें गाड़ी संख्या 12542 डाउन लोकमान्य तिलक गोरखपुर एक्सप्रेस पकड़कर लखनऊ जाना था। मगर कर्नाटका एक्सप्रेस के सात घंटे देरी से आने के कारण वह लखनऊ जाने वाली गाड़ी नहीं पकड़ सके । मायूस होकर डिप्टी एसएस कामर्शियल के पास पहुंचे यात्री ने टिकट को दूसरी ट्रेन में जाने के लिए परमिट कराया। इसी तरह उत्तराखंड निवासी अशोक कुमार को गाड़ी संख्या 12647 डाउन कांगो एक्सप्रेस से मंगलवार की सुबह पत्नी के साथ झांसी से निजामुद्दीन जाना है। वहां से ट्रेन पकड़कर उन्हें काठगोदाम स्टेशन जाना है। मगर सोमवार को उन्हें पता लगा कि मंगलवार को कांगो एक्सप्रेस निरस्त रहेगी। इस कारण यात्री को टिकट दूसरी ट्रेन में जाने के लिए परमिट कराना पड़ा।
दरअसल, पिछले बुधवार को इटारसी रूट रिले सिस्टम में लगी आग के कारण पटरी से उतरा रेल संचालन अब तक दुरुस्त नहीं हो सका है। खासकर मुंबई, भुसावल, मनमाड होकर आ रही अधिकांश ट्रेनें या तो डायवर्ट होकर चल रही हैं अथवा देरी से झांसी आ रही हैं। इस समस्या के कारण यात्रियों की लिंक ट्रेनें छूट रही हैं। मंगला एक्सप्रेस, गोवा एक्सप्रेस, पुष्पक एक्सप्रेस आदि गाड़ियों को सीधे मार्ग से लाया जा रहा है। मगर इन गाड़ियों में पैर रखने की भी जगह नहीं है। रविवार रात व सोमवार को इन ट्रेनों के पैसेंजर कोचों में क्षमता से चार गुना अधिक यात्री भरकर चले। हालत इतने खराब हैं कि सोमवार को महिलाएं तक कोच के दरवाजे पर लटक कर यात्रा करती देखी गईं। यही हाल स्लीपर कोचों का भी बना हुआ है। आरक्षित कोचों में परमिट किए गए यात्री बैठे रहे। हालांकि, रेलवे बोर्ड ने अब सभी ट्रेनों को अपने मार्ग से ही लाने के निर्देश दिए हैं। इससे एक-दो दिन में स्थिति काफी हद तक पटरी पर लौटने की उम्मीद है।
आधा दर्जन ट्रेनें निरस्त
रेल प्रशासन ने सोमवार को भी आधा दर्जन ट्रेनों को रद्द कर दिय। इनमें यशवंतपुर से निजामुद्दीन के मध्य चलने वाली गाड़ी संख्या 12807 डाउन व 12808 अप समता एक्सप्रेस, गाड़ी संख्या 12651 डाउन तमिलनाडु संपर्क क्रांति एक्सप्रेस, गाड़ी संख्या 02558 लोकमान्य तिलक गोरखपुर होली डे एक्सप्रेस, दादर से अमृतसर से जाने वाली गाड़ी संख्या 11057 डाउन पठानकोट एक्सप्रेस, गाड़ी संख्या डाउन 12143 लोकमान्य तिलक सुलतानपुर एक्सप्रेस व अप और डाउन की झांसी इटारसी पैसेंजर शामिल हैं।
देरी से आईं गाड़ियां
रूट डायवर्जन के चलते एक दर्जन से अधिक गाड़ियां अपने निर्धारित समय से घंटों देरी से झांसी आईं। इसमें गाड़ी संख्या 12534 डाउन पुष्पक एक्सप्रेस पौने आठ घंटे, गाड़ी संख्या 11069 डाउन तुलसी एक्सप्रेस बारह घंटे, गाड़ी संख्या 12173 डाउन उद्योग नगरी एक्सप्रेस पौने सात घंटे, गाड़ी संख्या 12617 डाउन मंगला एक्सप्रेस पौने सात घंटे, गाड़ी संख्या 12627 डाउन कर्नाटका एक्सप्रेस सात घंटे, गाड़ी संख्या 12485 डाउन नांदेड श्रीगंगा नगर एक्सप्रेस साढ़े सात घंटे, गाड़ी संख्या 12715 डाउन सचखंड एक्सप्रेस दस घंटे देरी से झांसी आई। ट्रेनों के इंतजार में यात्रियों का बुरा हाल रहा।