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पहुंचेंगे मोबाइल टॉयलेट, जगह तय करें

Wed, 28 Dec 2016 01:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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toilets, jhansi news - फोटो : demo
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अन्य बाजारों की तरह सीपरी बाजार में टॉयलेट न होना बड़ी समस्या है। एक दो बार वहां टॉयलेट बनाने की कोशिश की गई तो कभी व्यापारियों तो कभी पुलिस के विरोध के कारण निर्माण नहीं हो पाया। नगर निगम ने एक मोबाइल टॉयलेट की व्यवस्था की थी। वहां गंदगी हो जाने के कारण उसे हटा लिया गया। महापौर किरन वर्मा ने कहा कि व्यापारी जगह तय करें। मोबाइल टॉयलेट रखवा दिए जाएंगे।
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सीपरी बाजार में लगभग 2100 दुकानें हैं और 15 से 20 हजार ग्राहक रोज खरीदारी के लिए यहां आते हैं। बाजार में एक भी टॉयलेट की व्यवस्था न होने से व्यापारी और ग्राहक परेशान होते हैं।

खासतौर पर महिलाओं को खासी दिक्कत होती है। व्यापार मंडल की पहल पर नगर निगम ने चमनगंज चौकी के पीछे खाली पड़ी जमीन पर टॉयलेट बनाने की कोशिश की। जमीन को लेकर पुलिस का विरोध होने के कारण यह काम ठंडे बस्ते में चला गया। इसके बाद नगर निगम ने एक मोबाइल टॉयलेट की व्यवस्था की है। ध्यान न दिए जाने के कारण वहां गंदगी हो गई। उसका उपयोग बंद हो गया तो उसे हटा लिया गया। इस कारण व्यापारी और ग्राहक खुले में पेशाब करनें को मजबूर हैं।
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बाजार की भौगोलिक स्थिति 
  बाजार एक किलोमीटर की परिधि में फैला हुआ है। यहां टंडन रोड, रस बहार मार्केट, किराना बाजार, सुभाष मार्केट, आजाद गंज, आर्य कन्या चौराहे के पास स्थित बाजार, चमन गंज समेत विभिन्न प्रमुख बाजार हैं। प्रतिदिन यहां 12 से 15 करोड़ का कारोबार होता है। शहर का सबसे पुराना किराना मार्केट और रेडीमेड कपड़ों की दुकानें अधिक हैं। बाजार में पंद्रह बीस मंदिर, एक मस्जिद, गुरुद्वारा और चर्च है। 

व्यापारी जगह तय करें
एक मोबाइल टॉयलेट रखवाया था। वह भी हटा दिया। व्यापार मंडल के पदाधिकारियों से कहा है कि जगह चिंहित करें। मोबाइल टॉयलेट रखवा दिए जाएंगे। पुलिस चौकी के पीछे की जमीन का भी पता करेंगे कि किसकी है। वहां स्थाई टॉयलेट बना दिया जाएगा।
किरन वर्मा, महापौर



कई बार दे चुके हैं सुझाव
टॉयलेट बनवाने के लिए नगर निगम को कई बार ज्ञापन दे चुके हैं लेकिन कोई कदम नहीं उठाया गया। एक बार नगर निगम ने टॉयलेट बनाने की कोशिश की। जिसका विरोध हुआ तो नहीं बन पाया। ओवर ब्रिज के नीचे रसबहार चौराहा, चित्रा चौराहा और पानी की टंकी के पास टॉयलेट बनाए जा सकते हैं। 
संतोष साहू, अध्यक्ष सीपरी बाजार व्यापार मंडल

एक टॉयलेट से क्या होगा
टॉयलेट की व्यवस्था न होने के कारण इधर-उधर ही जाना पड़ता है। एक ही मोबाइल टॉयलेट रखवाया गया है। बाजार में व्यापारियों की संख्या के हिसाब से नाकाफी है। खुले में पेशाब करने से गंदगी भी होती है और बीमारियां फैलने का खतरा है।
अजय चड्ढ़ा, व्यापारी सीपरी बाजार 

दस मोबाइल टॉयलेट की आवश्यकता
बाजार में दो हजार से अधिक दुकानें हैं। व्यापारी शौचालय के लिए दिनभर परेशान होते हैं। बाजार में कम से कम दस मोबाइल टॉयलेट और तीन सुलभ शौचालय की आवश्यकता है। फिलहाल एक भी नहीं है।  
ओमी तोलानी, व्यापारी सीपरी बाजार

महिलाओं को होती खासी दिक्कत
बाजार में टॉयलेट न होने से महिलाओं को खासी दिक्कत होती है। यहां महिलाओं के लिए एक भी टॉयलेट नहीं है। नगर निगम को ही व्यवस्था करनी है। शहर का महत्वपूर्ण बाजार होने के बावजूद विकास के लिए कोई कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
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विनीत अग्रवाल, व्यापारी सीपरी बाजार 
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