अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। निबंधन विभाग के एक बर्खास्त लिपिक की 23,26,585 रुपये की आरसी काटी गई है। लिपिक ने 10 साल पहले निबंधन शुल्क का गबन किया था। पकड़े जाने के बाद उसके खिलाफ कार्रवाई की गई थी। जबकि, अब गबन की राशि की वसूली के लिए आरसी काटी गई है।
सहायक निबंधन कार्यालय प्रथम में कनिष्ठ सहायक के पद पर तैनात विशाल कुमार पर साल 2013 में निबंधन शुल्क का गबन करने का आरोप लगा था। इसके बाद हुई जांच में सामने आया था कि आरोपी लिपिक ने बैनामों में लिया जाने वाला निबंधन शुल्क बैंक में जमा नहीं किया। बल्कि, बैंक की फर्जी रसीद बनाकर दस्तावेजों में लगा दी। इसके बाद लिपिक को निलंबित कर दिया गया था, जबकि पिछले साल उसे बर्खास्त कर दिया गया। अब उससे गबन की गई रकम की वसूली के लिए 23,26,585 रुपये की आरसी काटी गई है।
सब रजिस्ट्रार सुभाष चंद्र ने बताया कि बर्खास्त लिपिक की अनुकंपा के आधार पर विभाग में तैनाती हुई थी। उसने निबंधन शुल्क का गबन किया था। नियमानुसार उसे निबंधन शुल्क रोजाना बैंक में जमा करना चाहिए था, परंतु उसने ऐसा नहीं किया था। बैंक की फर्जी मुहर लगाकर रसीदें दस्तावेजों में लगा दीं थीं। कोषागार से हुई क्राॅस जांच में पकड़ा गया था। अब वसूली के लिए आरसी काटी गई है।