राशन दुकानदारों को भीगे गेहूं की आपूर्ति पर जांच
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कई राशन दुकानदारों को भीगे गेहूं की सप्लाई मिली तो वे भड़क गए और शिकायत खाद्य निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक तक पहुंचाई। ऐसा इसलिए किया गया ताकि गेहूं का वजन बढ़ जाए। प्रारंभिक जांच में मामला सही पाए जाने पर पारीछा स्थित एफसीआई गोदाम से सप्लाई रोक दी गई है। अब मामले की विस्तृत जांच उप क्षेत्रीय प्रबंधक कर रहे हैं।
राज्य सरकार गेहूं उठान के लिए भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) को पैसा देती है।एफसीआई गेहूं को मानक पर परखता है। इसके बाद ही गोदाम में रखा जाता है। इस गेहूं में न तो कचरा होता है और न ही धूल या अन्य गंदगी होती है। प्रत्येक तीन महीने के बाद उच्च स्तरीय अधिकारियों द्वारा गेहूं की जांच की जाती है। यही नहीं, समय - समय पर औचक जांच भी की जाती है, ताकि गेहूं में किसी तरह की मिलावट न हो सके। मार्च महीने का राशन विक्रेताओं को को गेहूं उठान किया जा रहा था कि अफसरों के पास शिकायतें आने लगीं कि जिम्मेदार लोग गेहूं को पानी में भिगोकर राशन विक्रेताओं को भेज रहे हैं। शिकायत मिलने के बाद अफसरों ने पारीछा स्थित गोदाम से गेहूं की उठान (सप्लाई) बंद करा दी गई है और अब डगरवाहा केंद्र से गेहूूं की उठान की जा रही है। वहीं, अफसरों ने मामले को गंभीरता से लेकर जांच शुरू कर दी है।
जांच चल रही
भीगा गेहूं सप्लाई करने की शिकायत आई थी। यह गंभीर मामला है। जांच कराई जा रही है। दोषियों पर कार्रवाई जरूर होगी।
- धनंजय सिंह
उप क्षेत्रीय प्रबंधक ( स्टेट वेयर हाउस)
पारीछा गोदाम से आपूर्ति बंद
शिकायत तो मिली है, लेकिन गेहूं गीला नहीं है। डगरवाहा गोदाम में पुराना स्टाक रखा था, इसलिए पारीछा गोदाम से आपूर्ति बंद करके वहां से गेहूं की उठान की जा रही है।
- रवि ओम निगम
क्षेत्रीय प्रबंधक ( स्टेट वेयर हाउस)
जांच के बाद ही कुछ बोलेंगे
पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है। जांच रीजनल स्तर के कार्यालय में चल रही है। जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
- अनूप कुमार
जिला पूर्ति अधिकारी