Rashid Kalia Encounter: कुख्यात राशिद कालिया के मुठभेड़ में मारे जाने पर युवक मोहसिन की मां नुसरत बानो और बहन फरहा बानो खुश नजर आईं। अपने बेटे को याद करते हुए मां नुसरत ने कहा कि राशिद ने मोहसिन की बेरहमी से हत्या की थी। खुदा ने उनके साथ न्याय किया है।
झांसी में शनिवार को एसटीएफ के साथ हुई मुठभेड़ में मारे गए बदमाश राशिद कालिया ने 15 साल पहले झांसी के युवक मोहसिन की बेरहमी से हत्या की थी। झांसी में रहने वाले अपने साले के साथ मिलकर उसने घटना को अंजाम दिया था। दोनों मिलकर मोहसिन की कार लूट ले गए थे।
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घटना के तीन महीने बाद पुलिस ने साले को दबोच लिया था, लेकिन राशिद लगातार फरार चल रहा था। संगम विहार निवासी रोडवेज से सेवानिवृत्त सलीम का पुत्र मोहसिन (20) प्राइवेट टैक्सी चलाता था। 19 दिसंबर 2008 को उसकी टैक्सी सीता होटल के पास से बुक की गई थी। गाड़ी राशिद के साले सरायं मोहल्ले में रहने वाले राजा ने बुक कराई थी।
गाड़ी हाजियों को लाने के लिए लखनऊ के लिए बुक कराई गई थी। अपने परिजनों को यह जानकारी देकर मोहसिन गाड़ी लेकर निकल गया था। लेकिन, इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। उसका मोबाइल फोन भी बंद जाने लगा। इस पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू कर दी थी, परंतु उसके बाद में कोई जानकारी नहीं हो पाई थी।
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इसके तीन दिन बाद नवाबाद थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। इसके बाद से पुलिस बदमाशों की तलाश में जुट गई थी। फरवरी 2009 में घटना में शामिल होने की जानकारी होने पर पुलिस ने पहले राशिद के साले राजा को उठाया था। पूछताछ में कालिया का नाम भी सामने आया था।
घटना के बारे में बताया गया था कि यहां से गाड़ी किराये पर लखनऊ के लिए बुक कराई गई थी। कानपुर में राशिद भी उसमें सवार हो गया था। कानपुर देहात के मूसानगर में मोहसिन की हत्या कर गाड़ी लूट ली गई थी। पहले उसके सिर पर रॉड से प्रहार किया गया था।
इसके बाद उसे गाड़ी के नीचे रौंद दिया था, जिससे उसकी मौत हो गई थी। शव को वहीं पड़ा छोड़ दोनों गाड़ी को लेकर फरार हो गए थे, जिसे चालीस हजार रुपये में बेच दिया गया था, जो बाद में नेपाल में बरामद हुई थी। हालांकि, परिजनों को शव नहीं मिल पाया था। लावारिश अवस्था में मिले शव को पुलिस ने दफना दिया था। यमुना पुल के पास से मोहसिन के कपड़े बरामद हुए थे।
खुदा ने किया न्याय
कुख्यात राशिद कालिया के मुठभेड़ में मारे जाने पर युवक मोहसिन की मां नुसरत बानो और बहन फरहा बानो खुश नजर आईं। अपने बेटे को याद करते हुए मां नुसरत ने कहा कि राशिद ने मोहसिन की बेरहमी से हत्या की थी। खुदा ने उनके साथ न्याय किया है।
पुलिस ने राशिद को उसके सही अंजाम पर पहुंचाया है। इसके लिए मां ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी धन्यवाद दिया। मां ने बताया कि उनका बेटा नमाजी था। उसके नमाज के कपड़े आज भी रखे हुए थे। गाड़ी लूटने की खातिर बदमाशों ने उसे मौत के घाट उतार दिया था।