झांसी। महाराजा गंगाधर राव और महारानी लक्ष्मीबाई (मनु) के विवाह की 178 वीं वर्षगांठ आज 19 मई को मनायी जाएगी। लॉकडाउन के कारण राजा - रानी के विवाह स्थल एतिहासिक गणेश मंदिर में कोई कार्यक्रम नहीं होंगे। लोगों के प्रवेश पर रोक रहेगी। हालांकि महाराष्ट्र गणेश मंदिर कमेटी मंदिर में दीप प्रज्ज्वलित करेगी। वहीं, सभी झांसी वासी अपने घरों में शाम 7 बजे दीप प्रज्ज्वलित कर वर्षगांठ को यादगार बनाएंगे।
विवाह की वर्षगांठ की तिथि पर हर साल भव्य कार्यक्रम कराने की परंपरा वर्ष 2016 में गणेश मंदिर कमेटी, महाराष्ट्र समाज और अन्य समाज सेवी संगठनों ने संयुक्त रूप से की थी। मेहंदी रचाने, हल्दी की रस्म, जयमाला, बारात सहित कई अन्य वैवाहिक कार्यक्रम और चित्रकला, रंगोली आदि प्रतियोगिताएं होती थीं। अमेरिका, इंग्लैंड, दुबई सहित अन्य देशों में बसे झांसी के वासी अपने प्रिय राजा और रानी के विवाह की वर्षगांठ को उत्साह से मनाते हुए केक काटते थे। इस बार कोरोना वायरस से बचाव के लिए लॉकडाउन लगा है। ऐसे में किसी भी प्रकार के कार्यक्रम नहीं होंगे। महाराष्ट्र गणेश मंदिर कमेटी ने सभी महानगर वासियों अपील की है कि 19 मई की शाम 7 बजे दीप प्रज्जवलित करें और महाराजा गंगाधर राव व रानी लक्ष्मीबाई के विवाह की वर्षगांठ को यादगार बनाएं। सचिव गजानन खानवलकर ने बताया कि राजा - रानी के विवाह स्थल को दीपों व विद्युत छटा से सजाया जाएगा। लॉकडाउन के नियमों का पालन कर बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक रहेगी।
अमर उजाला के संग मनाएं रानी की शादी की वर्षगांठ
- घर पर परिवार के साथ रानी को करें याद, फोटो हमें भेजें
- 20 मई के अंक में प्रकाशित की जाएंगी तस्वीरें
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई की 19 मई को शादी की 178वीं वर्षगांठ है। पिछले कई सालों से रानी की शादी की सालगिरह झांसी में धूमधाम से मनाई जा रही थी, लेकिन इस बार कोरोना वायरस के संक्रमण की वजह से आयोजन नहीं होने जा रहा है। लेकिन, झांसी के इतिहास के इस महत्वपूर्ण दिन को अमर उजाला के साथ यादगार बनाइए। जी हां, आप अपने घर में रानी की शादी की सालगिरह मनाइए और फोटो हमें भेजिए, रानी के प्रति आपके अटूट प्रेम की इस भावना को हम 20 मई के अंक में फोटो के साथ प्रकाशित करेंगे। तो फिर देर किस बात की है, हो जाइये तैयार, अमर उजाला के साथ रानी की शादी की सालगिरह मनाने को। फोटो अमर उजाला को इस नंबर 9415183605 पर उपलब्ध कराएं। इन तस्वीरों को हम 20 मई के अंक में प्रकाशित करेंगे।
गणेश मंदिर में हुई थीं विवाह की रस्में
झांसी शहर में महारानी लक्ष्मीबाई के जीवन से जुड़ी कई इमारतें हैं। इनमें महाराष्ट्र गणेश मंदिर महत्वपूर्ण है। गणेश मंदिर में बिठूर के मोरोपंत तांबे क ी पुत्री मनु का विवाह झांसी के राजा गंगाधर राव के साथ हुआ था। मान्यता है कि शादी के बाद उन्हें यहां नया नाम लक्ष्मीबाई दिया गया था। इसी नाम से वह पूरे विश्व में पहचानी जाती हैं और आज यह नाम नारी अस्मिता का प्रतीक बना हुआ है। इतिहासविद डॉ. चित्रगुप्त श्रीवास्तव ने बताया कि महाराष्ट्र समाज के इस गणेश मंदिर में भगवान गणेश को साक्षी मानकर वैवाहिक रस्में अदा हुई थीं, जिसमें बुंदेलखंड के लगभग सभी राजा, सामंत शामिल हुए थे। आज भी यह मंदिर सैलानियों व श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र है।