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हर धर्म, हर वर्ग के लोग रानी का जन्मोत्सव भव्य बनाने के लिए आए आगे

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झांसी। अपनी रानी के जन्मोत्सव की खुशी में बढ़चढ़ कर हिस्सा लेने के लिए महानगर का हर वर्ग, हर धर्म आगे बढ़ कर आ रहा है। ‘अमर उजाला’ की पहल पर इसे महोत्सव का रूप देने के लिए मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारे, चर्च में तैयारियां शुरू हो गईं हैं। सभी अपने-अपने अंदाज मेें रानी के जन्मदिन को खास बनाना चाहते हैं। कहीं अधिक संख्या में घी के दीये जलाने की बात हो रही है कहीं रानी की शान में मोमबत्तियां जलाने की तैयारी। सभी धर्मों का सम्मान करने वाली लक्ष्मीबाई के लिए सभी धर्मों के लोग आगे आ रहे हैं। आम लोग भी जन्मोत्सव को दीपोत्सव के रूप में मनाने के लिए उत्सुक हैं।
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महानगर के विभिन्न संगठन समारोह को भव्य रूप देने के लिए आगे आकर कार्यक्रम की रूपरेखा तय करने को आतुर हैं। इनमें सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक, व्यापार मंडल, क्लब, महिला संगठन प्रमुख हैं। महानगर वासी भी रानी के जन्मोत्सव पर दीपोत्सव के लिए अपने घर, मोहल्लों में विशेष आयोजन की तैयारियों में जुट गए हैं। वे हमारे दफ्तर फोन कर सुझाव मांग रहे हैं। हम रानी के प्रति उनके सम्मान और आयोजन के लिए उत्साह के कायल हैं। सभी से अपील करते हैं कि इस वर्ष रिकॉर्ड दीप जलाकर अपनी खुशियों का इजहार करें।
वंशज बोले, रानी साहिबा से प्रेरणा लें महिलाएं
रानी लक्ष्मीबाई के जन्मोत्सव को लेकर नागपुर में रह रहे उनके वंशज योगेश राव उत्साहित हैं। उन्होंने फोन पर बातचीत में कहा कि रानी और झांसी एक दूसरे के पूरक हैं। शहरवासियों का उनके प्रति लगाव प्रशंसनीय है। हर वर्ष होने वाला यह आयोजन उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि है। रानी साहिबा महिला सशक्तीकरण की मिसाल हैं। जब सभी अंग्रेजों से डरे सहमे रहते थे तब उन्होंने फिरंगियों को भारतीय नारी के शौर्य और पराक्रम का परिचय दिया। उनसे अंग्रेजी हुकूमत थर-थर कांपती थी। उनसे प्रेरणा लेकर हमारे देश की नारी और समाज को आगे बढ़ना चाहिए। सभी उत्साह के साथ उनका जन्मोत्सव मनाएं। हां, इस दौरान कोरोना काल में सामाजिक दूरी का ध्यान जरूर रखें।
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ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई ने झांसी की धरती से संग्राम का बिगुल फूंका था। यही वजह है कि देश और दुनिया में झांसी की पहचान रानी के नाम से ही है। रानी के जन्मदिवस को हम गौरव दिवस के रूप में पूरी भव्यता के साथ मनाएंगे। - डॉ. चंद्रपाल सिंह यादव, सांसद
वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई पूरी दुनिया में नारी अस्मिता की प्रतीक हैं। उनका जन्म दिवस झांसी के लिए किसी महापर्व से कम नहीं है। रानी के जन्म दिवस पर घर-घर में दीप जलाकर उनके प्रति कृतज्ञता प्रकट की जाएगी। झांसी का हर नागरिक इस आयोजन में सहभागिता सुनिश्चित करे। - अनुराधा शर्मा, समाजसेवी
कहीं भी जाने पर जब हम बताते हैं कि झांसी से आए हैं, तो लोग खुद ब खुद कहते हैं रानी के झांसी से, अलग ही गौरव की अनुभूति होती है। रानी का जन्मोत्सव झांसी वासियों के लिए महापर्व से कम नहीं है। इसे उसी तरह से मनाया जाएगा। घर के साथ-साथ सभी कारोबारी प्रतिष्ठानों को रोशन किया जाएगा। - योगी प्रेमानी, कारोबारी
देश की वीर नारियों को आज भी वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई के नाम से जाना जाता है। रानी की वजह से झांसी और बुंदेलखंड को वीरों की धरती कहा जाता है। रानी के जन्मोत्सव पर घर में दीप तो जलाए ही जाएंगे, साथ ही विद्यालय परिसर को भी रोशन किया जाएगा। बच्चों को भी प्रेरित किया जाएगा। - गौरव मिश्रा, डायरेक्टर - हंसराज मॉर्डन स्कूल
वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई देश के लिए प्रेरणा है। उनकी जयंती पर सभी लोग उनके सम्मान में घर - घर मोमबत्ती जलाएंगे। इसके अलावा चर्च में भी मोमबत्तियां जलाई जाएंगी। आयोजन के जरिये देश की एकता और अखंडता का संदेश दिया जाएगा। ज्यादा से ज्यादा लोगों को आयोजन से जोड़ा जाएगा। - फादर डेनिस, सेंट ज्यूड चर्च
रानी के जन्मोत्सव पर गुरुद्वारा झोकनबाग में दीप जलाए जाएंगे और रंगबिरंगी विद्युत छठा बिखेरी जाएगी। 19 नवंबर इतिहास की स्वर्णिम तारीख है। ये दिन झांसी के लिए एक महापर्व है। रानी के जन्मोत्सव को पूरी भव्यता के साथ हम सभी मिलकर मनाएंगे, इससे आज की पीढ़ी को भी सीख मिलेगी। - सर्वजीत सिंह कोहली, अध्यक्ष-गुरुद्वारा झोकनबाग कमेटी
रानी ने अपनी गौरवपूर्ण जीवन यात्रा में वीरता और कुर्बानी की मिसाल पेश की है। उन्होंने झांसी और झांसी के सभी धर्म, संप्रदाय के लोगों के लिए अंग्रेजों से मुकाबला किया था। यही वजह है कि झांसी का हर नागरिक उनका जन्मोत्सव पूरे उत्साह के साथ मनाने का आतुर है। - मुफ्ती साबिर कासमी
रानी का जन्मोत्सव भव्यता से मनाने की संस्था की ओर से तैयारियां तेजी से जारी हैं। केवल संस्था के सदस्य ही नहीं, बल्कि विद्यार्थी भी अपने घरों में दीप, मोमबत्ती जलाकर रानी का जन्मोत्सव मनाएंगे। इसके अलावा ऐसे अन्य आयोजन भी किए जाएंगे, जिससे आज की पीढ़ी रानी के बारे में अधिक से अधिक जाने।
- डॉ. फिरोज खान, अध्यक्ष - बुंदेलखंड प्राइवेट टीचर्स एसोसिएशन
झांसी के कण-कण में आज भी रानी बसती हैं। हर झांसी वाले के दिल में रानी के प्रति अगाध श्रद्धा है। हर साल उनका जन्मोत्सव पूरी श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। इस बार और भी भव्यता के साथ जन्मोत्सव मनाया जाएगा। घरों के अलावा मंदिरों में भी दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे।
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- महंत विष्णु दत्त स्वामी, जिला धर्माचार्य
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