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बीयू: चार्ट कटिंग, फर्जी सत्यापन के दोषी कर्मी को अनिवार्य सेवानिवृत्ति

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झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय प्रशासन ने चार्ट कटिंग, फर्जी सत्यापन समेत चार मामलों में दोषी अति गोपनीय विभाग में कार्यरत वरिष्ठ सहायक को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी है। बीयू में अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने का यह दूसरा मामला है।
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बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के गोपनीय विभाग में कार्यरत वरिष्ठ सहायक गजेंद्र यादव को एक वर्ष पहले चार्ट में कटिंग, फर्जी सत्यापन समेत तमाम आरोपों में निलंबित कर दिया गया था। कुलपति प्रो. जेवी वैशम्पायन ने मामले की जांच के लिए समिति का गठन किया था। समिति की तरफ से आरोप पत्र दिए जाने के बाद कर्मचारी से स्पष्टीकरण मांगा गया। कुछ आरोप तो कर्मचारी ने स्वीकार कर लिए लेकिन बाकी में उसने दूसरे कर्मचारियों का नाम बताया। इस पर अन्य कर्मचारियों से भी स्पष्टीकरण तलब किया गया। हालांकि, कोई सबूत न होने पर अन्य कर्मचारियों पर आरोप साबित नहीं हो पाए। अब विश्वविद्यालय प्रशासन ने कर्मचारी को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी है। कर्मचारी को ग्रेच्युटी का भी भुगतान नहीं किया जाएगा। निलंबन अवधि के दौरान कर्मचारी को जीवन निर्वाह भत्ता दिया जा रहा था। चूंकि, कर्मचारी दोषी साबित हुआ है, ऐसे में निलंबन के दौरान अन्य सैलरी का बकाया भी नहीं मिलेगा।
सेवानिवृत्ति में भी एक महीना बाकी
अनिवार्य सेवानिवृत्त किए जाने वाले वरिष्ठ सहायक का आगामी 30 नवंबर को ही रिटायरमेंट होना है। इससे ठीक एक महीने पहले विश्वविद्यालय प्रशासन ने कर्मचारी के खिलाफ यह सख्त कार्रवाई कर दी है।
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वरिष्ठ सहायक गजेंद्र यादव पर बिना अधिकारियों के जानकारी के चार्ट में कटिंग, फर्जी सत्यापन समेत चार आरोप थे। मामले की जांच के लिए कमेटी का गठन किया गया था। जांच के दौरान कर्मचारी ने कुछ आरोप तो स्वीकारे, जबकि कुछ में दूसरे कर्मचारियों का नाम लिया। हालांकि, अन्य कर्मियों के खिलाफ सबूत नहीं मिला। ऐसे में आरोपी वरिष्ठ सहायक के खिलाफ अनिवार्य सेवानिवृत्ति की कार्रवाई की गई है। कर्मचारी को ग्रेच्युटी और निलंबन अवधि के बकाया का भुगतान भी नहीं किया जाएगा। - प्रो. जेवी वैशम्पायन, कुलपति, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय।
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