श्री गणेश मंदिर में बुधवार को झांसी की रानी लक्ष्मीबाई व राजा गंगाधर राव के विवाह महोत्सव पर रानी
झांसी। झांसी के इतिहास में 19 मई हमेशा से महत्वपूर्ण रही है। इस दिन बिठूर के मोरोपंत तांबे की पुत्री मनु का विवाह झांसी के राजा श्रीमंत गंगाधर राव के साथ हुआ था। जो बाद में महारानी लक्ष्मीबाई के नाम से संपूर्ण विश्व में अपने साहस और शौर्य के कारण प्रसिद्ध हुई। बुधवार को अमर उजाला के साथ लोगों ने झांसी के राजा गंगाधर राव और रानी लक्ष्मीबाई की 179वीं वैवाहिक वर्षगांठ मनाई। इस मौके पर लोगों ने घर पर दीप प्रज्वलित किए। बच्चों ने राजा और रानी के स्वरूप धरे। परिजनों के साथ रानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमाओं के समक्ष केक काटकर उनके जयकारे लगाए।
कोरोना संक्रमण के कारण पिछले साल की तरह राजा-रानी की शादी की वर्षगांठ पर इस बार भी कोई सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित नहीं हुआ। महाराष्ट्रीय समाज के ऐतिहासिक गणेश मंदिर में मंदिर कमेटी और महाराष्ट्र समाज के सदस्यों ने महाराजा गंगाधर राव और रानी लक्ष्मीबाई के विवाह वाले चित्र के समक्ष दीप मालिका सजाई। पारंपरिक मराठी परिधान में सजीं महिलाओं ने राजा गंगाधर राव और रानी लक्ष्मीबाई पर पुष्प वर्षा की। इस अवसर पर सचिव गजानन खानवलकर, राजीव इंदापुरकर, पीयूष रावत, उज्जवल देवधर, उत्तरा खेर, वंदना, संगीता जोशी, अभिषेक, स्वप्निल श्रीवास्तव मौजूद रहे।
rani laxmi bai- फोटो : REPORTERS