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रानी झांसी का बलिदान दिवस आज, दीप प्रज्वलित कर अर्पण होगी श्रद्धांजलि

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रानी झांसी का बलिदान दिवस आज, दीप प्रज्वलित कर अर्पण होगी श्रद्धांजलि
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झांसी। देश के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की अमर दीपशिखा झांसी की रानी लक्ष्मीबाई का बलिदान दिवस आज शुक्रवार को मनाया जाएगा। उनकी वीरता को नमन करते हुए झांसी के वासी श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए वीरांगना के चित्र एवं मूर्तियों के समक्ष दीप प्रज्वलित करेंगे। बच्चों को रानी लक्ष्मी बाई के शौर्य गाथा भी सुनाएंगे। ग्वालियर में रखी रानी की तलवार और अन्य शस्त्रों की झांसी में वापसी को लेकर झांसी के निवासियों ने कहा इस विषय पर उत्तर प्रदेश शासन जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के साथ जागरूक जनता को संयुक्त प्रयास करना होगा। तभी हम अपनी अनमोल धरोहर झांसी वापस ला पाएंगे।
बोले झांसी वासी
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वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई को अपनी झांसी से बेहद प्यार था। उन्होंने राष्ट्र की रक्षा के लिए अपना बलिदान दिया। उनका बलिदान अमर है। मुकुंद मेहरोत्रा अध्यक्ष पुलिंद दीर्घा
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झांसी वासियों के लिए बलिदान दिवस गर्व का दिन है। रानी लक्ष्मीबाई ने अपनी झांसी के लिए बलिदान दिया था। उन्हें अपनी माटी से बहुत प्रेम था। रवि शंकर चटर्जी शहर
जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह रानी लक्ष्मीबाई की पहचान तलवार को झांसी वापस लाएं। यह जनता की हार्दिक इच्छा है। उस्मान खान प्रधानाचार्य
बलिदान दिवस पर दीप प्रज्वलित कर बच्चों को रानी लक्ष्मीबाई तात्या टोपे नाना साहेब मंगल पांडे आदि राष्ट्र भक्तों की शौर्य गाथा सुनाएंगे। जीएस भोगल प्रधानाचार्य
गायत्री परिवार की महिला मंडल दीप प्रज्वलित कर बच्चों को आजादी के लिए हुए संघर्षों के बारे में बताएंगी। देश को आजादी कठिन संघर्षों के बाद मिली है। किरण श्रीवास्तव शिक्षिका
रानी लक्ष्मीबाई की तलवार के लिए शासन प्रशासन और झांसी की जागरूक जनता को संयुक्त रुप से प्रयास करना होगा। यह तलवार झांसी की विरासत है। आलोक शांडिल्य शिक्षक
रानी लक्ष्मी बाई के बलिदान दिवस को व्यर्थ न जाने दें। नारी शक्ति को और बढ़ावा दें। सभी लोग प्रत्येक बेटी की शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करें। आदित्य श्रीवास्तव सीपरी
शौर्य से परिपूर्ण रानी को अपनी कर्म भूमि से बड़ा स्नेह था। अंग्रेजों को भी उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी थी कि मैं अपनी झांसी नहीं दूंगी। किशन सोनी चित्रकार
बुंदेलखंड के सभी सामाजिक संगठनों को अपने मतभेद भूलकर एकजुटता से प्रयास करना चाहिए कि ग्वालियर से रानी के वीरता के चिन्ह तलवार व अन्य शस्त्र झांसी वापस आए। रोहित जायसवाल सीपरी
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रानी लक्ष्मीबाई की तलवार इतिहास और झांसी की अनमोल धरोहर है। सरकार को इस ओर गंभीरता से प्रयास करना चाहिए कि रानी के शस्त्र वापस झांसी को मिले। राहुल मिश्रा शिक्षक
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