आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी का आश्वासन मिलने के बाद ही हुआ सराफा कारोबारी का अंतिम संस्कार
झांसी। मऊरानीपुर में गोलीकांड में मारे गए सराफा कारोबारी का तनावपूर्ण माहौल में बृहस्पतिवार को अंतिम संस्कार हुआ। इससे पहले कारोबारी के परिजन घटना में शामिल फरार आरोपियों की गिरफ्तारी न होने तक अंतिम संस्कार न किए जाने पर अड़ गए थे। तीन घंटे बाद पुलिस की ओर से लिखित आश्वासन मिलने के बाद वे माने। अंतिम संस्कार में भारी भीड़ उमड़ी। वहीं, पूरा इलाका छावनी में तब्दील रहा।
मऊरानीपुर थाना इलाके के मुहल्ला दुबे चौक में रविवार की रात गाड़ी खड़ी करने को लेकर हुए विवाद में एक पक्ष के लोगों ने फायरिंग कर दी थी, जिसमें दूसरे पक्ष के तीन लोग घायल हो गए थे। इन्हीं घायलों में से एक सराफा कारोबारी अशोक अग्रवाल की दिल्ली में इलाज के दौरान बुधवार को मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम के बाद उनके शव को बृहस्पतिवार की सुबह तकरीबन पांच बजे मऊरानीपुर उनके घर लाया गया। शव के घर में आते ही परिजनों में कोहराम मच गया। चीख-पुकार की आवाजों से पूरा मुहल्ला गूंज उठा। देखते ही देखते घर के बाहर भारी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई। अंतिम संस्कार की तैयारियों के बीच अचानक घर की महिलाएं बाहर आ गईं और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी न होने तक अंतिम संस्कार न किए जाने पर अड़ गईं। हालांकि, इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने महिलाओं को समझाने की कोशिश की लेकिन वे नहीं मानीं तथा डीएम व एसएसपी को मौके पर बुलाए जाने की मांग करते हुए सड़क पर बैठ गईं। तकरीबन दो घंटे तक यही स्थिति बनी रही। इस दरम्यान पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) नैपाल सिंह, उप जिलाधिकारी अंकुर श्रीवास्तव, सीओ विवेक सिंह व मोंठ क्षेत्राधिकारी प्रदीप कुमार ने कारोबारी के परिजनों का काफी देर तक समझाया। पुलिस अधीक्षक द्वारा लिखित में आरोपियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया गया। इसके बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। लगभग तीन घंटे तक चले इस हंगामे के बाद सराफा कारोबारी का शव अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया। जहां सैकड़ों लोगों की उपस्थिति में अंतिम संस्कार हुआ। इस दौरान उपस्थित लोगों में गम और गुस्सा देखने को मिला।
पुलिस के कड़े सुरक्षा घेरे के बीच हुआ अंतिम संस्कार
झांसी। बृहस्पतिवार को मऊरानीपुर में सराफा कारोबारी का अंतिम संस्कार पुलिस के कड़े सुरक्षा घेरे के बीच हुआ। इस दौरान तनाव को देखते हुए पूरा इलाका छावनी में तब्दील बना रहा। चप्पे-चप्पे पर पुलिस की निगरानी रही।
सराफा कारोबारी अशोक अग्रवाल का दिल्ली से एंबुलेंस से शव लेकर परिजन बृहस्पतिवार की सुबह तकरीबन पांच बजे मऊरानीपुर पहुंचे। इससे पहले एंबुलेंस के दतिया से झांसी की सीमा में दाखिल होते ही पुलिस ने घेर लिया। एंबुलेंस के आगे-पीछे पुलिस की गाड़ियां दौड़ती रहीं। मऊरानीपुर में शव के पहुंचने से पहले ही मुहल्ला गांधी चौक और उससे सटे टीकमगढ़ बस अड्डे को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था। चप्पे-चप्पे पर पुलिस की तैनाती कर दी गई थी। एसपी ग्रामीण नैपाल सिंह, एसडीएम अंकुर श्रीवास्तव, सीओ विवेक सिंह व मोंठ सीओ प्रदीप कुमार कई थानों की पुलिस के साथ डेरा डाले हुए थे। इसके अलावा पुलिस मऊरानीपुर नगर के अन्य हिस्सों की भी निगहबानी में जुटी रही। अंतिम यात्रा के साथ भी पुलिस मौजूद रही, जबकि अंतिम संस्कार के दौरान पुलिस का घेरा रहा।
क्या धरती निगल गई फरार आरोपियों को?
झांसी। मऊरानीपुर में हुई गोलीकांड की सनसनीखेज घटना के चार दिन बाद भी तीन आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर बने हुए हैं। जबकि, घटना में घायल एक की मौत भी हो चुकी है। अफसर पहले दिन ही सभी आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी का दावा कर रही है, लेकिन हकीकत में पुलिस के हाथ खाली हैं।
गोलीकांड की घटना में आठ आरोपियों को नामजद किया गया था। इनमें चार नामजद आरोपी मनोज सेठिया, कल्लू उर्फ संजीव सेठिया, विनोद सेठिया तथा शुभम ताम्रकार को पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। एक अन्य आरोपी दीपेश सेठिया को पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार किया था। तीन आरोपी राकेश सेठिया, मनीष सेठिया व अखिलेश विश्वकर्मा अब भी पुलिस की पकड़ से दूर बने हुए हैं। जबकि, आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से गुस्साए लोगों ने बुधवार को जमकर प्रदर्शन किया था। क्षेत्रीय विधायक बिहारी लाल आर्य पर आरोपियों को संरक्षण देने के आरोप भी लगे थे। मृतक के अंतिम संस्कार से पहले भी सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर हंगामा हुआ। बावजूद, पुलिस फरार तीन नामजद आरोपियों तक नहीं पहुंच पाई।
मंत्री ने दिए कठोर कार्रवाई के निर्देश
झांसी। प्रदेश के नागरिक उड्डयन, अल्पसंख्यक कल्याण, राजनीतिक पेंशन, मुस्लिम वक्फ एवं हज मंत्री नंदगोपाल गुप्ता नंदी ने ट्वीट कर सराफा कारोबारी अशोक अग्रवाल की हत्या पर गहरा दुख जताया। उन्होंने डीएम और एसएसपी से फोन पर बात कर आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योगी सरकार में कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को अंजाम भुगतना होगा।
दो आरोपियों के नाम कटवाने की उड़ी चर्चा
झांसी। मऊरानीपुर में हुई गोलीकांड की घटना में आठ आरोपियों को नामजद किया गया था। लेकिन, इसके बाद से ही पुलिस से सांठगांठ कर दो आरोपियों के नाम कटवाने की चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया था। इस बीच बृहस्पतिवार को पुलिस अधीक्षक ग्रामीण ने आश्वासन दिया कि पुलिस किसी भी आरोपी का नाम नहीं काटेगी। आठों नामजद आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।