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Jhansi News: वार्ड में चूहों की धमाचौकड़ी...दवा से खाना तक कुतर रहे

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मेडिकल कॉलेज के वार्डों में पलंग पर घूमता चूहा। 
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झांसी। मेडिकल कॉलेज के वार्डों में मरीज बीमारी से जूझ रहे हैं और चूहे बेखौफ घूम रहे हैं। कभी मरीजों के बेड पर चढ़ रहे हैं तो कभी दवा की ट्रॉली और खाने के सामान तक पहुंच रहे हैं। मरीजों के फल और खाना कुतरने के साथ ही वार्डों में रखी जरूरी सामग्री को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। दवाओं की ट्रॉलियों की दराजों में चूहों की बीट तक मिली है। रात में मरीज और तीमारदार सोते हैं तो चूहों की धमाचौकड़ी उनकी परेशानी और बढ़ा देती है।
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मेडिकल कॉलेज की पुरानी इमारत में स्त्री रोग, हड्डी रोग, सर्जरी, बाल रोग और मेडिसिन के वार्ड हैं। इसके अलावा आईसीयू भी संचालित है। इन वार्डों में ज्यादातर बेड मरीजों से भरे रहते हैं। मेडिकल कॉलेज प्रशासन वार्डों में साफ-सफाई और संक्रमण रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने का दावा करता है। इसके बावजूद मरीजों के बेड तक चूहों का पहुंचना और दवा की ट्रॉलियों में उनकी बीट मिलना व्यवस्था की निगरानी पर सवाल खड़े करता है। मरीज इलाज के लिए आते हैं, लेकिन वार्ड में चूहों से बचने की चिंता भी उन्हें परेशान कर रही है।

बेड से ट्रॉली तक बेखौफ दौड़
मरीजों और तीमारदारों के मुताबिक रात में चूहे बेड पर चढ़ जाते हैं। भगाने पर ट्रॉली या दूसरे सामान की तरफ भागते हैं। वार्ड में रखे खाने-पीने के सामान को कुतरना आम हो गया है। स्टॉक में रखी ग्लूकोज की बोतलें, ग्लव्स और दूसरी सामग्री भी चूहों के कुतरने से खराब होने की शिकायत है।
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पेशाब से लैप्टोस्पाइरोसिस, काटने पर रेट बाइट फीवर का खतरा
मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. नूतन अग्रवाल, मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. रामबाबू सिंह और डॉ. जकी सिद्दीकी ने बताया कि चूहों की पेशाब के संपर्क से लैप्टोस्पाइरोसिस का खतरा हो सकता है। इसमें तेज बुखार और शरीर में दर्द जैसे लक्षण हो सकते हैं। गंभीर स्थिति में किडनी और लिवर प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि चूहे के काटने से रेट बाइट फीवर भी हो सकता है। इसमें बुखार, शरीर में दर्द समेत अन्य लक्षण सामने आ सकते हैं। ऐसे मामलों में समय पर उपचार जरूरी है।




रोगियों की पीड़ा
केस -1 :वार्ड नंबर छह में ही भर्ती मऊरानीपुर की एक महिला ने बताया कि रात में सोते समय चूहे बेड पर चढ़ गए। उन्हें भगाया तो ट्रॉली पर चढ़ने लगे। इससे वह रातभर ठीक से सो नहीं सकीं।

02. वार्ड नंबर छह में भर्ती आशा ने बताया कि उनका बेटा खाने के लिए सेब लेकर आया था। वह कुछ देर बाद खाने के लिए उठीं तो चूहे सेब कुतर चुके थे। सेब को फेंकना पड़ा।

0-वर्जन
वार्डों में चूहों को लेकर जल्द पेस्ट कंट्रोल कराया जाएगा। वार्ड नं. सात और आठ जल्द 500 बेड की बिल्डिंग में शिफ्ट होंगे। रही बात ट्रॉली में चूहों की बीट आदि होने की, तो उन्हें तुरंत साफ कराया जाएगा।
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-डॉ. सचिन माहुर, सीएमएस मेडिकल कॉलेज
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