झांसी। श्रीराम लीला मंचन को लगभग एक माह है। कोविड - 19 से बचाव हो और मंचन की परंपरा कायम रहे। इस पर सरकार की आवश्यक गाइडलाइन का इंतजार है। रामलीला में लक्ष्मण की भूमिका निभाने वाले कलाकारों का कहना है कि उन्हें हमेशा इस बात का गर्व रहता है, कि वह लक्ष्मण बनते हैं। हर बार की तरह मन लालायित है मेघनाद के वध के लिए।
अधिक मास के कारण इस बार पितृ पक्ष के एक बाद शारदीय नवरात्र होगी। नवरात्र में ही श्रीरामलीला का मंचन होता है। कोविड - 19 से बचाव के कारण इस बार आयोजकों को तैयारी करने का खासा अवसर प्राप्त हो गया है। इससे रामलीला कलाकार उत्साहित हैं। इनका कहना है कि धनुष यज्ञ, मेघनाद वध सहित अन्य प्रसंगों के संवाद उन्हेें पूरी तरह से याद है। सिर्फ आंशिक रिहर्सल की आवश्यकता होगी।
लक्ष्मण के चरित्र से काफी लगाव है। इससे मन में हमेशा सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। रामलीला होनी चाहिए। लेकिन साथ में कोविड - 19 से बचाव भी बेहद जरूरी है।
प्रिंस शर्मा, रामलीला कलाकार
कोविड - 19 के कारण शायद इस बार रामलीला न हो सके। लेकिन अगर मंचन होता है, तो इसके लिए उन्होंने लक्ष्मण की भूमिका निभाने की पूरी तैयारी कर ली है।
कृष्णा पांडेय, रामलीला कलाकार
पिछले 26 सालों से लक्ष्मण का किरदार निभा रहा हूं। रामलीला होनी चाहिए। क्योंकि ग्रामीण क्षेत्र के कलाकार आर्थिक रूप से रामलीलाओं के आयोजनों पर ही निर्भर है।
शरद कुमार, रामलीला कलाकार