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कोरोना के कारण रामलीला पर संशय, कलाकार परेशान

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ramleela
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झांसी। श्री रामलीला मंचन को लेकर अभी एक माह है, लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते इस बार रामलीला आयोजित होगी या नहीं इस पर कलाकारों में संशय की स्थिति बनी हुई है। कई कलाकार ऐसे हैं जो आर्थिक रूप से रामलीलाओं पर ही निर्भर हैं। ऐसे में कोरोना काल के दौरान इन कलाकारों के सामने आर्थिक संकट बना हुआ है।
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ये कलाकार पिछले कई दशकों से अयोध्या, मैनपुरी, रामपुर, मुरादाबाद, एटा आदि शहरों एवं ग्रामीण इलाकों में बुंदेली संस्कृति की झलक पेश कर मंचन में अपने अभिनय से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करते आए हैं। इनका कहना है कि बुंदेलखंड के 500 से अधिक कलाकार उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश में आयोजित होने वाली रामलीलाओं में मंचन का कार्य करते हैं। इसके लिए वह पूरे साल तैयारी करते हैं। अब सरकार ऐसा उपाय करे कि कोविड - 19 से बचाव के साथ ही रामलीलाओं का भी आयोजन हो, ताकि कलाकारों के सामने आर्थिक संकट और न गहरा पाए।
कई कलाकार रामलीलाओं पर निर्भर हैं। बुंदेलखंड के कलाकार मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में कई जगहों पर आयोजित रामलीलाओं में काम करते हैं। अगर रामलीला नहीं हुई तो इनका आर्थिक नुकसान हो जाएगा। सोबरन परदेसी रामलीला कलाकार
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रामलीला से हम लोगों का रोजगार भी जुड़ा है। पिछले छह माह से हम कलाकार घर पर बैठे हैं। पहले निरंतर कार्य करते थे। हमेशा उत्साह बना रहता था। सरकार रामलीला को लेकर जल्द गाइड लाइन जारी करे। रवि प्रकाश पाराशर रामलीला कलाकार
रामलीला का आयोजन होना चाहिए। कई कलाकारों के समक्ष जीविकोपार्जन का साधन रामलीला ही है। बुंदेलखंड के कलाकार अयोध्या, मैनपुरी, एटा, रामपुर सहित कई जिलों में मंचन करते हैं।
उमेश दुबे रामलीला कलाकार
रामलीला से ही हमारी रोजी रोटी चलती है। सरकार को चाहिए कि वह इसके आयोजन को स्वीकृति दे। इसके साथ ही हम सभी कलाकारों की आर्थिक मदद के लिए वह आगे आए। उदय भान शर्मा रामलीला कलाकार
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