झांसी। कोविड किट की खरीद में गड़बड़ी सामने आने के बाद से जिला प्रशासन लगातार गंभीर रुख अपनाए हुए है। भुगतान पर रोक तो पहले ही लगा दी गई थी। लेकिन, अब जिलाधिकारी ने जिले में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी सामग्री की खरीद यूपी मेडिकल सप्लाई कार्पोरेशन की बेस दरों के मुताबिक ही कराने के निर्देश दिए। कहा कि इसमें किसी तरह की कोताही न बरती जाए।
जिले में ग्राम पंचायतों द्वारा खरीदी गई कोविड किट की मनमानी कीमत अदा की गई। यहां 479 किट मंगवाई गईं, जिनमें ऑक्सीमीटर 3990 रुपये एवं थर्मल स्कैनर 4500 रुपये प्रति नग की दर से मंगवाए गया। जबकि, ललितपुर में आधी कीमत पर ही यह उपकरण उपलब्ध हो गए। अमर उजाला ने इस घोटाले को 22 जुलाई के अंक में प्रकाशित खबर ‘कोरोना बचाव की आड़ में लाखों का घपला’ के जरिये किया था। मामला उजागर होने के साथ ही जिलाधिकारी आंद्रा वामसी ने सख्त रुख अपना लिया था और भुगतान पर रोक लगाते हुए जांच के आदेश जारी कर दिए थे। जिला प्रशासन के इस कदम से घपलेबाज अब तक अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो पाए। अन्य जनपदों में भी कोविड किट खरीद में गड़बड़ी सामने आने के बाद शासन द्वारा इसकी एसआईटी जांच कराई जा रही है।
इसके अलावा डीएम ने निर्देश जारी किए हैं कि जिले में कोविड या स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी सामग्री की खरीद हर हाल में यूपी मेडिकल सप्लाई कार्पोरेशन द्वारा तय की गईं कीमतों के मुताबिक की जाएं। उन्होंने कहा कि इन निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
कोविड किट में गड़बड़ी सामने आने के बाद तत्काल भुगतान पर रोक लगा दी गई थी। इस मामले की जांच भी जारी है। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी। इसके अलावा निर्देश दिए गए हैं कि मेडिकल उपकरणों की खरीद यूपी मेडिकल सप्लाई कार्पोरेशन की दरों के अनुरूप ही की जाए। - आंद्रा वामसी, जिलाधिकारी
झांसी आ सकती है एसआईटी
अन्य जनपदों में भी कोविड किट खरीद में गड़बड़ी सामने आने के बाद शासन द्वारा इसकी एसआईटी जांच कराई जा रही है। झांसी में कभी भी एसआईटी आ सकती है।