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मुकद्दस रमजान का आगाज, घरों में तरावीह पढ़ी गई

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झांसी। रुइय्यते हेलाल कमेटी (चांद कमेटी) ने रमजानुल मुबारक के महीने के चांद की तस्दीक शुक्रवार की शाम को कर दी। इसके साथ ही मुकद्दस रमजान का आगाज हो गया। शनिवार को पहला रोजा होगा। लॉकडाउन की वजह से रमजान में विशेष रूप से पढ़ी जाने वाली तरावीह की नमाज घरों में ही पढ़ी। चांद देखने के बाद लोगों ने एक दूसरे को फोन कर व व्हाट्सएप पर रमजान की मुबारकबाद दी। उलमा ने लोगों से घरों में रहकर नमाज पढ़ने, इबादत करने और कुरान की तिलावत करने की अपील की है। रोजेदार हर नमाज के बाद और इफ्तार के वक्त अल्लाह से कोरोना महामारी से सभी को महफूज रखने और मुल्क में अमन चैन और भाईचारा कायम रहने के लिए दुआ करें।
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शुक्रवार को चांद कमेटी के सदस्यों ने शाम को चांद देखा। इसके बाद मौलाना आमिर कासमी, मौलाना फखरुद्दीन कासमी और मुफ्ती साबिर कासमी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये चांद की तस्दीक की। मुफ्ती साबिर कासमी ने बताया कि शाबान की 29 तारीख को रमजान का चांद देखा गया। चांद देखने के बाद से ही तरावीह की नमाज शुरू होती है और ईद का चांद देखने के बाद खत्म होती है। उन्होंने कहा कि लोग घरों में ही रहकर तरावीह बढ़ें। रमजान के दौरान गरीबों की ज्यादा से ज्यादा मदद करें। मुफ्ती इमरान कासमी ने भी लोगों को रमजान की मुबारकबाद देते हुए कहा कि मुकद्दस महीने में घरों में ही रहकर ज्यादा से ज्यादा इबादत करें। कोई भी लॉकडाउन को न तोड़े। मस्जिद में सिर्फ इमाम और मोअज्जिन ही रहेंगे। जामा मस्जिद के पेश इमाम मोहम्मद हाशिम ने भी घरों में ही रोजेदारों से इबादत करने की अपील की।
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