झांसी। करीब सात माह बाद दस नवंबर से राजकीय संग्रहालय आम सैलानियों के लिए खोल दिया जाएगा। लेकिन कर्मचारियों की कमी के कारण सैलानियों को प्राचीन दुर्लभ प्रतिमाओं, चित्रों आदि के दीदार नहीं हो पाएंगे। वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई की नगरी में संग्रहालय की वीथिका को खोलने के लिए सिर्फ एक ही कर्मचारी बचा है। अधिकांश कर्मचारी सेवानिवृत्त हो चुके है।
महारानी लक्ष्मीबाई के किले की तलहटी में 70 के दशक में राजकीय संग्रहालय बनाया गया था। इसमें बुंदेलखंड के ललितपुर, झांसी के ग्रामीण इलाकों सहित कई अन्य क्षेत्रों की प्राचीन दुर्लभ प्रतिमाएं और चित्र संग्रहित है। साथ ही लगभग 12 अन्य वीथिकाओं में 1857 की क्रांति, प्राचीन सिक्कों का संग्रह, डाक टिकट सहित अन्य अनमोल विरासत मौजूद है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों से कर्मचारियों के लगातार अभाव के कारण सैलानियों को छह वीथिका ही देखने को मिलती रही है। लेकिन वीथिका खोलने के लिए सिर्फ एक ही कर्मचारी होने पर अभी सैलानियों को वीथिका व चित्रों का दीदार नहीं हो पाएगा। राजकीय संग्रहालय की उप निदेशक आशा पांडेय ने कहा कि दस नवंबर से संग्रहालय खोल दिया जाएगा। एक कर्मचारी वीथिका के लिए है, ऐसे में एक फ्लोर खोला जाएगा। कर्मचारियों की मांग के लिए निदेशालय को पत्र भेजा गया है। आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए प्रशासन से मांग की जाएगी।