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आग में घी बनी बारिश, बदहाल बिजली व्यवस्था चरमराई

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मंगलवार को हुई तेज बारिश से खुशीपुरा नाला उफना गया। इसके बाद सड़क का नजारा कुछ ऐसा था।
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आग में घी बनी बारिश, बदहाल बिजली व्यवस्था चरमराई
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झांसी। बिजली संविदा कर्मचारियों के काम पर न लौटने से मंगलवार को शहर के हालत और बिगड़ गए। सभी सबस्टेशनों पर शिकायतों का तांता लग गया। 700 से अधिक व्यक्तिगत शिकायतें दर्ज कराईं गईं। बिजली फाल्टों को ठीक कराने के लिए दिन भर लोग सबस्टेशनों के चक्कर लगाते रहे। शाम को आंधी और बारिश ने स्थितियां और बिगाड़ दीं। पूरे शहर की कई घंटों तक बिजली गुल रही। इससे अंधेरा पसरा रहा। कई इलाकों की बिजली देर रात तक सामान्य नहीं हो सकी थी।
दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम ने सभी सबस्टेशनों पर मरम्मत कार्य को ठेके पर दे रखा है। यह ठेका एक साल के लिए दिया जाता है। इस बार ठेका 31 मार्च को खत्म हो गया था। मगर, लोकसभा चुनाव के दौरान लगी आचार संहिता के चलते ठेके को तीन माह के लिए बढ़ा दिया गया था। 30 जून को यह मियाद भी खत्म हो गई। दक्षिणांचल के अधिकारी इस अनुबंध को तीन महीने और बढ़ाना चाहते हैं, लेकिन इसके लिए ठेकेदार तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि अनुबंध नौ माह के लिए बढ़ाया जाए, ताकि उनका सत्र पूरा हो सके। इस पर सहमति न बनने पर ठेकेदार के संविदा कर्मचारियों ने सोमवार से काम बंद कर दिया था। मंगलवार को भी सहमति नहीं बन सकी।
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इधर, संविदा कर्मचारियों के न रहने से सबस्टेशनों पर शिकायतों का अंबार लग गया है। देर शाम तक महानगर के 16 सबस्टेशनों पर 700 से अधिक केवल व्यक्तिगत शिकायतें दर्ज कराईं गईं। शहर की घनी आबादी इलाके से जुड़े मुन्नालाल सबस्टेशन पर ही अकेले 60 से अधिक शिकायतें दर्ज हुईं। इनमें अधिकांश शिकायतें फेस न आने और खंभे से बिजली न आने की थीं। सबस्टेशनों पर तैनात दो या तीन सरकारी कर्मचारी ही एक- एक कर फाल्टों को सुधारने में लगे रहे।
वहीं, शाम को चार बजे आई तेज आंधी और बारिश से पूरे शहर की बिजली व्यवस्था पटरी से उतर गई। जगह- जगह पेड़ और डालियां तारों पर गिर पड़े। हंसारी ट्रांसमिशन सबस्टेशन पर 132 केवीए का लाइटिंग एरेस्टर खराब हो गया। रात नौ बजे के बाद ही एक- एक कर सबस्टेशनों की बिजली को चालू किया गया। मगर, जिन स्थानों पर पेड़ और डालियां तारों से टकरा रही थीं, उन क्षेत्रों की बिजली को देर रात तक चालू नहीं किया जा सका था। व्यक्तिगत शिकायत लेकर सबस्टेशन पर पहुंच रहे लोगों की तो कोई सुनने वाला तक नहीं था। इन लोगों के फाल्ट ठीक न होने से सैकड़ों परिवारों को रात बिना बिजली के काटनी पड़ी। बिजली न रहने से शहर की जलापूर्ति भी गड़बड़ाई रही।
दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के अधिकारियों की ठेकेदारों से वार्ता चल रही है। हालांकि, मंगलवार को समस्या का हल निकल आएगा। सबस्टेशनों पर जो उनके सरकारी कर्मचारी हैं उनसे एक- एक कर फाल्ट ठीक कराने का काम चल रहा है। आरएन सिंह, मुख्य अभियंता (वितरण)।
सिविल लाइन में फुंका ट्रांसफार्मर
सिविल लाइन स्टेशन रोड पर होटल श्रीनाथ के पास लगा 400 केवीए ट्रांसफार्मर मंगलवार की सुबह खराब हो गया। ट्रांसफार्मर बदलने के बाद देर रात बिजली को चालू किया जा सका। बिजली न रहने से ट्रांसफार्मर से जुड़े पांच सौ से अधिक परिवारों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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ग्रामीण क्षेत्रों के हालत बद्तर
संविदा कर्मचारियों के न होने से ग्रामीण क्षेत्रों के हालत और भी ज्यादा बद्तर हैं। चूंकि, ग्रामीण सबस्टेशनों से जुड़े गांवों में कर्मचारियों को फाल्ट आने पर दूर- दूर तक बिजली सुधारने जाना पड़ता है। ग्रामीण क्षेत्रों में तो इक्का दुक्का फाल्ट भी ठीक नहीं हो पा रहे हैं।
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