झांसी। शुक्रवार की शाम आई आंधी और बारिश के कारण कई क्षेत्रों की बिजली गुल हो गई। मुन्नालाल व सूती मिल, उन्नाव गेट सब स्टेशन की 33 केवी लाइन में फाल्ट आने से दो दर्जन से अधिक क्षेत्रों में अंधेरा पसरा रहा।
कर्मचारियों ने देर रात तक फॉल्ट ढूंढकर आपूर्ति सामान्य की। गौरतलब है कि 15 दिन पहले तेज आंधी के कारण ग्रिड लाइनों के टावर गिरने से झांसी और आसपास की बिजली आपूर्ति चार दिन तक प्रभावित रही थी। शुक्रवार को हुई बारिश ने फिर बिजली संकट का संकेत दे दिया है। हालांकि बिजली विभाग का दावा है बारिश के दौरान बिजली आपूर्ति दुरुस्त रखने के इंतजाम कर लिए गए हैं।
शुक्रवार की शाम लगभग पौने चार बजे आई तेज आंधी के दौरान हंसारी से मुन्नालाल सब स्टेशन आने वाली 33 केवी लाइन में फॉल्ट आ गया। इससे मुन्नालाल सब स्टेशन से जुड़े मिशन कंपाउंड, बंसल कॉलोनी, सिद्धेश्वर नगर, इंद्रपुरी कॉलोनी, अंदर-बाहर दतिया गेट, नई बस्ती, राई का ताजिया, अलीगोल, मुकरयाना, गंधीगर का टपरा, सर्राफा बाजार, गोला कुआं, पंचकुइयां, खंडेराव गेट, तहसील, बाबूलाल कारखाना, आशिक चौराहा, बीकेडी, हींगन कटरा, पानी वाली धर्मशाला आदि क्षेत्रों का करंट गुल हो गया।
इधर, कर्मचारियों ने पेट्रोलिंग शुरू की। गनीमत रही कि जल्द ही हंसारी के निकट टपरियन में फाल्ट मिल गया। वहां लगे एक खंभे पर इंसुलेटर से तार उतर गया था। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद फाल्ट को ठीक कर लिया गया। इसके बाद संबंधित क्षेत्रों की आपूर्ति को देर रात तक सामान्य बना दिया गया।
इसी तरह बड़ागांव के दुनारा स्थित 220 केवी सब स्टेशन से आने वाली 33 केवी लाइन में फॉल्ट आने से उन्नाव गेट पंचवटी व सूती मिल सब स्टेशन को करंट मिलना गुल हो गया। इन सब स्टेशनों से अंदर-बाहर उन्नाव गेट, मेवातीपुरा, अयोध्यापुरी, ग्वालियर रोड, पठौरिया, आईटीआई सिद्धेश्वर नगर, पाल कॉलोनी आदि क्षेत्र जुड़े हुए हैं। इन क्षेत्रों की आपूर्ति देर रात तक सामान्य नहीं हो सकी थी।
सीपरी बाजार में तार टूटने से तीन घंटे तक बिजली गुल रही। फाल्ट के कारण जेल चौराहा सब स्टेशन से जुड़े क्षेत्रों की दो घंटे तक बिजली बंद रही। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
अधीक्षण अभियंता नगर राकेश कुमार गुप्ता ने बताया कि आंधी के चलते महानगर के हिस्सों में फॉल्ट आने से आपूर्ति बाधित रही। उक्त जगहों पर मरम्मत कार्य चल रहा है। शीघ्र ही आपूर्ति सामान्य कर ली जाएगी।
बारिश में बढ़ सकता है संकट
बिजली के मद्देनजर बरसात मुसीबत भी बन सकती है। पिछले दिनों आंधी के आए परिणामों से लगता है कि बारिश-आंधी के बीच ट्रांसफार्मर फुंकने व अन्य फाल्टों की संख्या बढ़ेगी।
ऐसा बड़ा नुकसान कई सालों बाद 24 से 26 मई के मध्य आए आंधी-तूफान से देखने को मिला था। आंधी ने प्रदेश के कई स्थानों के ग्रिड टावरों को गिरा दिया।
इससे ग्रिड में करंट दौड़ाने के लिए जगह तक नहीं मिली। मजबूरी में पारीछा थर्मल पावर प्लांट की सभी इकाइयां चार दिन तक बंद रखनी पड़ीं। परिणामस्वरूप दस दिनों तक झांसी व ललितपुर जनपद को बिजली संकट का सामना करना पड़ा। यह हालात आने वाले दिनों में भी बन सकते हैं।
‘बरसात में स्थानीय फाल्ट न आए, इसका पूरा प्रयास किया जा रहा है। बीस जून तक सभी सब स्टेशनों के स्वीच यार्ड व लाइनों की मेंटेनेंस का काम पूरा कर लिया जाएगा।’
- राकेश कुमार गुप्ता ,अधीक्षण अभियंता (नगर)
दावे
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- विद्युत लाइनों पर आ रही पेड़ों की डालियां व टहनियों को काटा जा रहा है।
- ट्रांसफार्मरों की अर्थिंग बढ़ाई जा रही है, ताकि गाज गिरने पर ट्रांसफार्मर न फुंके।
- बरसात में खंभों में करंट न आए इसके लिए जंपरों को कसा जा रहा है।
- सब स्टेशनों के स्वीच यार्ड में मेंटेनेंस कार्य जारी है।