झांसी। थाना बबीना स्थित सुकुवां-ढुकुवां रोड पर हुई रेलकर्मी की हत्या की पुलिस ने गुत्थी सुलझा दी है। चार लाख रुपये के लेनदेन में हुए विवाद में ललितपुर के बम्हौरी ग्राम प्रधान ने अपने साथियों के साथ मिलकर गला दबाने के बाद बोलेरो गाड़ी चढ़ाकर मार डाला था। पुलिस ने इस मामले मेें ग्राम प्रधान समेत पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है।
जिला ललितपुर के थाना पूराकलां स्थित हसार कलां गांव निवासी मजबूत सिंह रेलकर्मी था। 2 जुलाई को वह काम के सिलसिले में झांसी आने की कहकर निकला था, इसके बाद वह घर नहीं लौटा। 4 जुलाई की सुबह उसकी लाश थाना बबीना स्थित सुकुवां-ढुकुवां रोड पर मिली थी। पुलिस ने शिनाख्त कर परिजनों को बुलाया था। पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। जांच के दौरान व कॉल डिटेल्स खंगालने के बाद पूरे प्रकरण में ललितपुर के थाना बार स्थित बम्हौरी गांव निवासी ग्राम प्रधान शंकर सिंह उर्फ महादेव राजपूत की संलिप्तता पाई गई। शक के आधार पर पुलिस ने उठाकर पूछताछ की। जहां सख्ती से पूछताछ करने पर शंकर सिंह ने पूरी सच्चाई पुलिस के सामने उगल दी। उसने पूछताछ में बताया कि कुछ समय पहले मजबूत सिंह ने उससे चार लाख रुपये उधार लिए थे। लेकिन समय बीत जाने के बाद भी उसकी रकम नहीं लौटा रहा था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हो रहा था। रकम न लौटाने पर उसे गुस्सा आने लगा।
2 जुलाई को जेल चौराह पर मजबूत सिंह से मुलाकात होने के बाद वह उसने अपने गांव बम्हौरी ले गया। अगले दिन उसने अपने साथी थाना बार के सेमरा भागनर निवासी प्रमोद सिंह लोधी, थाना सीपरी बाजार के अंबाबाय निवासी राजकुमार राजपूत, पाल कॉलोनी निवासी अभिषेक ठाकुर व सूतीमिल कॉलोनी निवासी पंकज सिंह ठाकुर को भी बुला लिया था। घर पर ही हत्या की साजिश रचने के बाद पांच लोग मजबूत सिंह को बोलेरो गाड़ी में सवार होकर झांसाी के लिए निकले। बबीना आने से पहले गला दबाने के बाद सुकुवां-ढुकुवां रोड पर उसे फेंका। इसके बाद एक्सीडेंट दिखाने के लिए उस पर बोलेरो गाड़ी चढ़ाकर कुचल दिया। मौत हो जाने के बाद सभी भागकर ललितपुर आ गए। पुलिस ने पूछताछ के बाद साथियों को घिसौली रोड से पकड़ा। सभी को गिरफ्तार कर जेेल भेज दिया है।
चोरी की निकली बाइक
घटनास्थल से पुलिस को एक बाइक भी मिली थी। जांच करने पर उक्त बाइक चोरी की निकली। यह बाइक वर्ष 2017 में ग्वालियर से चुराई थी। बाइक पर झांसी का नंबर अंकित कर पुलिस को गुमराह करने का भी प्रयास किया गया। टीम में बबीना प्रभारी निरीक्षक हरीश्याम सिंह, स्वॉट टीम प्रभारी शैलेंद्र सिंह, सर्विलांस प्रभारी जितेंद्र सिंह तक्खर भेल चौकी प्रभारी अजमेर सिंह भदौरिया शामिल रहे।