झांसी। कोरोना वायरस के कारण हो रहे घाटे की भरपाई के लिए रेलवे ने मास्टर प्लान तैयार करना शुरू कर दिया है। रेलवे अब अपने तमाम खर्चों में कटौती करेगा। फिलहाल इस साल के अंत तक नई भर्ती नहीं की जाएगी। रेलवे के सभी 17 जोन में लगे पांच हजार से अधिक सेवानिवृत्त कर्मियों को भी हटाया जाएगा। बड़े शहरों में बुकिंग और आरक्षण काउंटर भी कम करने पर विचार चल रहा है।
रेलवे में 17 जोन हैं, जिनके 70 मंडल ट्रेनों का संचालन करते हैं। कोरोना वायरस के चलते सवारी ट्रेनों का संचालन पूरी तरह बंद चल रहा है। पिछले एक महीने में सिर्फ झांसी रेल मंडल को 129 करोड़ का नुकसान हो चुका है। इससे रेलवे का लगातार घाटा बढ़ता जा रहा है। अभी यह भी नहीं मालूम कि ट्रेनों का पहिया कब तक थमा रहेगा? मगर रेलवे ने घाटे की भरपाई पर अभी से मास्टर प्लान तैयार करना शुरू कर दिया है। इसको लेकर रेलवे बोर्ड लगातार सभी मंडलों के प्रमुखों से सुझाव मांग रहा है। फिलहाल इस साल कर्मचारियों की कोई नई भर्ती नहीं होगी। महानगरों के जनरल और आरक्षण टिकट काउंटर कम करने पर ही भी विचार चल रहा है। काउंटरों पर कार्यरत कर्मचारियों को दूसरे कार्यों में लगाया जाएगा। ट्रैक मरम्मत कार्य में लगे रेलवे कर्मचारियों की संख्या कम कर ट्रैक मशीन व उपकरणों से काम करने की सलाह दी गई है। हालांकि, रेलवे बोर्ड ने मास्टर प्लान पर अभी कोई निर्णय नहीं लिया है।
रेलवे इन क्षेत्रों में करेगा कटौती
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- तृतीय व चतुर्थ श्रेणी की नई भर्ती नहीं करेगा।
- सेवानिवृत्त कर्मचारियों की सेवाएं नहीं लेगा।
- कर्मचारियों के अनावश्यक भत्तों पर रोक लगाकर।
- बड़े महानगरों में टिकट काउंटरों की संख्या कम करके।
- प्लेटफार्म व अन्य यात्री सुविधाओं के नवीनीकरण कार्यों पर रोक लगाकर।
- नई रेलवे लाइनों के बजट में कटौती करके चलेगा।
- सरप्लस स्टाफ की छंटनी करके, आवश्यक सेवानिवृत्ति देकर।
- एप से जनरल टिकट बुक करने की सिफारिश।