झांसी। ई-ऑफिस और ई-फाइल प्रणाली लागू होने के बाद से झांसी मंडल रेलवे और वर्कशॉप इकाइयों में पिछले छह माह में 79.35 लाख अभिलेखों का डिजिटलीकरण किया गया। इससे कागज की खपत में भी 39 प्रतिशत की कमी आई। इसकी मदद से फाइलों को रखने में इस्तेमाल हो रहे करीब 12 हजार वर्ग फीट स्थान भी खाली हुआ है।
मंडल रेल प्रशासन के डीआरएम कार्यालय में यांत्रिक, वाणिज्य, इंजीनियरिंग, विद्युत और कार्मिक समेत कई विभाग संचालित होते हैं। इन विभागों में हर साल बड़ी संख्या में फाइलें तैयार होती हैं। पुराने अभिलेख सुरक्षित रखने के लिए कार्यालयों में स्टोर रूम और हॉल फाइलों से भरे रहते थे। अब डिजिटल इंडिया और ग्रीन रेलवे की परिकल्पना के तहत इन अभिलेखों को डिजिटल स्वरूप दिया जा रहा है। मुख्य जनसंपर्क अधिकारी उत्तर मध्य रेल डॉ. शिवम शर्मा ने बताया कि झांसी मंडल में 44.46 लाख अभिलेखों का डिजिटलीकरण किया गया है। इससे 10,621 वर्गफीट
क्षेत्रफल में बने नौ हॉल फाइलों से मुक्त हो गए हैं। वैगन मरम्मत कारखाने में 28.89 लाख अभिलेखों का डिजिटलीकरण कर करीब एक
हजार वर्गफीट स्थान को खाली कराया गया है। सीएमएलआर कार्यशाला में भी पांच से छह लाख अभिलेखों का डिजिटलीकरण कर 500 वर्गफीट क्षेत्र को फाइलमुक्त कराया गया है।
हर साल बचेंगे 19,700 रिम कागज
ई-ऑफिस एवं ई-फाइल प्रणाली के पूर्ण क्रियान्वयन से उत्तर मध्य रेलवे में कागज की खपत में भी कमी आई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में औसतन हर महीने 4,191 रिम कागज की खपत होती थी। चालू वित्तीय वर्ष में यह घटकर 2,548 रिम प्रति माह रह गई है। रेलवे के अनुसार, इससे हर साल करीब 19,700 रिम कागज की बचत होने का अनुमान है।