झांसी। झांसी स्टेशन के समीप ग्वालियर रोड पर पड़ी रेलवे की भूमि पर अवैध निर्माण व अतिक्रमण ने रेलवे की चिंता बढ़ा दी है। रेलवे और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम गठित होने के बावजूद अब तक जमीन की पैमाइश नहीं हो सकी है।
रेलवे अधिकारियों ने अब जिलाधिकारी को पत्र भेजकर राजस्व विभाग को आवश्यक दिशा-निर्देश देने और जल्द नापतौल कराने मांग की है। सहायक मंडल अभियंता (लाइन) की ओर से 30 जुलाई को जिलाधिकारी को भेजे पत्र में बताया गया कि रेलवे भूमि की नापतौल के लिए राजस्व विभाग और रेलवे विभाग की संयुक्त टीम गठित की गई थी। इसके बावजूद राजस्व विभाग के आंतरिक कारणों से नापतौल का कार्य लंबित है।
पाल कॉलोनी, ग्राम सिमरधा स्थित रेलवे भूमि की नापतौल का मामला लंबे समय से अटका हुआ है। पीआरओ मनोज कुमार सिंह ने बताया कि इस संबंध में 14 नवंबर, 2024, 27 नवंबर, 2024, 6 मार्च, 2025 और 21 अगस्त, 2025 को पत्राचार किया जा चुका है। लगातार पत्र भेजे जाने के बाद भी आज तक नापतौल नहीं हो सकी है।
रेलवे ने पत्र में चिंता जताई है कि संबंधित क्षेत्र में कुछ लोगों द्वारा रेलवे की जमीन पर अवैध निर्माण और अतिक्रमण की गतिविधियां लगातार की जा रही हैं। ऐसे में जमीन की सीमा स्पष्ट करने के लिए जल्द नापतौल जरूरी है। पीआरओ का कहना है कि पैमाइश होने के बाद रेलवे भूमि की वास्तविक सीमा चिन्हित की जा सकेगी और अवैध निर्माण व अतिक्रमण पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। रेलवे ने जिलाधिकारी से राजस्व विभाग को आवश्यक निर्देश जारी कर पॉल कॉलोनी की रेलवे भूमि की नापतौल जल्द पूरी कराने की मांग की है।
सिमरधा में जमीन की रजिस्ट्री रोकें
पीआरओ मनोज कुमार सिंह ने बताया कि ग्राम सिमरधा स्थित पॉल कॉलोनी की रेलवे भूमि को लेकर रेलवे और राजस्व विभाग के बीच चल रहा पत्राचार अब रजिस्ट्री रोकने तक पहुंच गया है। रेलवे ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर स्पष्ट किया है कि रेलवे की जमीन वाले 18 गाटा नंबरों में किसी तरह की रजिस्ट्री न होने दी जाए। वहीं किसानों के साथ 12 संयुक्त गाटा नंबरों की रजिस्ट्री भी तब तक रोकने को कहा है, जब तक रेलवे और राजस्व विभाग संयुक्त रूप से जमीन की नापतौल कर सीमा निर्धारित नहीं कर देते।