रेलवे के संवेदनशील पदों पर बैठे कर्मचारियों के नहीं होंगे तबादले
झांसी। रेलवे ने कोरोना महामारी के चलते संवेदनशील पदों पर कार्यरत कर्मचारियों के हर चार साल में होने वाली स्थानांतरण प्रक्रिया को 31 जुलाई तक के लिए टाल दिया है। चूंकि, कर्मचारी का तबादला होने पर उसे एक माह के वेतन बराबर ट्रांसफर भत्ता देना पड़ता है। जबकि रेलवे इस वक्त घाटे की भरपाई के लिए खर्चों पर अंकुश लगाने में लगा है।
रेलवे पब्लिक और कैश डीलिंग से जुड़े सभी पदों को संवेदनशील मानता है। इनमें वाणिज्य विभाग के आरक्षण, पार्सल, बुकिंग, पूछताछ, मालगोदाम, स्टेशन मास्टर (जो कैश डीलिंग करते हैं), टेंडर प्रक्रिया समेत 40 से अधिक पद इस श्रेणी में हैं। इन पदों पर कार्यरत कर्मचारियों कर हर चार साल में स्थानांतरण करने का नियम है। अधिकांश स्थानांतरण अप्रैल से जून के बीच किए जाते हैं। हालांकि, स्थानांतरण करने पर कर्मचारियों को ट्रांसफर भत्ता देना पड़ता है, जो एक महीने के वेतन के बराबर होता है। रेलवे बोर्ड ने फिलहाल इस स्थानांतरण प्रक्रिया को 31 जुलाई तक के लिए टाल दिया है। इस संबंध में रेलवे बोर्ड के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर सुनील कुमार ने सभी जोन के महाप्रबंधक को आदेश जारी कर दिया है।
रेलवे इस वक्त कोरोना महामारी के कारण हो रहे घाटे को कम करने के लिए अपने कर्मचारियों के भत्तों पर तलवार चलाने में लगा है। डेढ़ साल तक के लिए महंगाई भत्ता बंद करने के बाद अब कर्मचारियों के अन्य एलाउंस की समीक्षा शुरू कर दी गई है। इसमें रनिंग कर्मचारियों को दिए जाने वाले भत्तों (किलोमीटर माइलेज, ओवर टाइम, एएमए, एडीएल, नाइट ड्यूटी एलाउंस) को नियंत्रित करने के लिए समीक्षा की जा रही है।