आरटीओ कार्यालय के बाहर लगे डस्टबिन में फेंके गए ऑटो चालकों के आधार कार्ड और दस्तावेज।
कूड़े में डाल दिए दस्तावेज, भत्ते को भटक रहे ऑटो चालक
झांसी। सरकार लॉकडाउन के दौरान ऑटोचालकों और दिहाड़ी मजदूरों को एक हजार रुपये प्रतिमाह भरण पोषण भत्ता दे रही है, लेकिन जिले में अभी भी कई ऑटो चालक भत्ते से वंचित हैं। वहीं ऑटो चालकों के आवेदन और दस्तावेज कूड़े में डाले जा रहे हैं। जबकि भत्ता पाने के लिए ऑटो चालक कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं।
सरकार ने ऑटो चालकों, टैक्सी चालकों को लॉकडाउन में सार्वजनिक परिवहन बंद होने के चलते एक हजार रुपये प्रतिमाह भरण पोषण भत्ता देने के निर्देश दिए थे। जिले के आरटीओ कार्यालय में भत्ता पाने के लिए ऑटो चालकों से आवेदन कराए गए। विभाग की मानें तो अब तक दो हजार ऑटो चालकों को भत्ता दिया जा चुका है। अभी भी दफ्तर पर तमाम ऑटो चालक अपने कागज लेकर भत्ते की आस मेें पहुुंच रहे हैं, लेकिन कार्यालय में उनके कागजात और आवेदन लेकर कूड़े में डाले जा रहे हैं। बुधवार को कार्यालय के कूड़ेदान में तमाम ऑटो चालकों के आधार कार्ड, राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस समेत तमाम दस्तावेज पड़े मिले। इसे लेकर ऑटो चालकों में रोष व्याप्त है। उधर, अधिकारी मामले में कुछ भी कहने से बच रहे हैं।
वर्जन
दो हजार ऑटो चालकों को भत्ता दिया जा चुका है। कार्यालय स्टाफ की इन दिनों रक्सा बार्डर पर ड्यूटी लगी है। मैं भी यहां व्यवस्था देख रहा हूं। दस्तावेजों को कूड़ेदान में फेंके जाने की जानकारी नहीं है। इसकी जांच कराई जाएगी। जिन ऑटो चालकों को आवेदन करना है, वे एक सप्ताह बाद आएं, उनके आवेदन लिए जाएंगे।
सत्येंद्र कुमार, एआरटीओ