मुठभेड़ पर फूटा गुस्सा, पुलिस से परिजन भिड़े
गुरसराय/गरौठा/झांसी। रविवार तड़के पुलिस मुठभेड़ में थाना एरच के करगुवां खुर्द निवासी पुष्पेंद्र के मारे जाने की खबर लगते ही लोगों में उबाल पैैदा हो गया। करगुवां खुर्द में स्थिति को देखते हुए तीन कंपनी पीएसी समेत भारी तादाद में पुलिस फोर्स तैनात कर दिया गया। परिजनों ने पुलिस मुठभेड़ को फर्जी बताते हुए पुलिस पर हत्या करने का आरोप लगाया। खबर मिलते ही परिजनों के साथ भारी तादाद में लोग मेडिकल कॉलेज स्थित पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए। यहां शव रखने को लेकर पुलिस से परिजनों की झड़प भी हुई। देर शाम पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिजनों ने मेडिकल कॉलेज के सामने सड़क पर शव रखकर प्रदर्र्शन किया। पुलिस ने समझाने का प्रयास भी किया, लेकिन बात नहीं बन सकी। इसके बाद परिजन शव लेकर घर की तरफ रवाना हो गए।
शनिवार को मोंठ प्रभारी निरीक्षक धर्मेंद्र सिंह चौहान पर हमला करने के बाद कार लूटकर पुष्पेंद्र अपने साथी विपिन व रविंद्र के साथ भाग निकला। सूचना पाकर भारी पुलिस बल के साथ डीआईजी सुभाष सिंह बघेल, एसएसपी डॉ. ओपी सिंह व एएसपी राहुल मिठास पहुंच गए थे। इसके बाद पुलिस टीमों ने थाना गुरसराय स्थित फरीदा गांव में दबिश देकर कार सवारों को घेर लिया। यहां एक दूसरे से आमना सामने होने के बाद मुठभेड़ हो गई। जहां एक गोली पुष्पेंद्र के सिर में लगने से उसकी मौके पर ही मौैत हो गई थी। पुष्पेंद्र को गोली लगते देख उसके साथी घबराकर अंधेरे में भाग निकले थे।
मौके पर पहुंची पुलिस तत्काल पुष्पेंद्र को उठाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंची थी, तभी चिकित्सकोें ने मृत घोेषित कर दिया था। घटना रात करीब ढाई बजे की बताई गई है। देर रात तक पुष्पेंद्र के घर न आने पर रिश्तेदार खोजबीन में लग गए थे, तभी पुलिस के साथ विवाद की जानकारी उनको पता लग गई थी। लेकिन यह नहीं पता था कि वह मुठभेड़ का शिकार हो चुका है। सुबह सूचना आने के बाद परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। खबर पाकर परिजन सीधे गुरसराय पहुंचे।
रिश्तेदारों का आरोप है कि उनको कोई भी जानकारी पुलिस ने नहीं दी। यहां तक की शव भी नहीं देखने दिया गया। कुछ देर बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा, जहां पहले से ही पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। शव पहुंचते ही कुछ देर में लोगों का जमावड़ा लगने लगा। कुछ देर में परिजन भी पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे, जहां शव देखकर कोहराम मच गया। परिजन व रिश्तेदारों ने पुलिस पर मुठभेड़ के नाम पर हत्या करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि उनके पुत्र ने इतना बड़ा गुनाह नहीं कर दिया कि उसकी सजा उसको मौत के रूप में मिले। उनका आरोप था कि स्वयं थाना प्रभारी ने बात करने के लिए बुलाया था, इसके बाद झूठी साजिश रचते हुए हत्या कर दी। परिजनों ने पुलिस पर एफआईआर की मांग की। पुलिस ने किसी परिजन व लोगों से वार्ता का दौर जारी रखा, ताकि किसी तरह का विवाद न हो सके।
इसके बाद पुलिस ने शव का एक्स-रे कराने के लिए जिला अस्पताल भेजा। इस प्रकरण मेें पुलिस ने दो मामले दर्ज किए हैं। पहला मामला मोंठ थाना प्रभारी धर्मेंद्र की तहरीर पर मोंठ थाने में मृतक पुष्पेंद्र, विपिन व रविंद्र पर धारा 307, 394, 397, 398, 353 व 34 और दूसरा मामला निरीक्षक सभाजीत मिश्रा की तहरीर पर तीन अज्ञात के खिलाफ दर्ज की है। इधर, गरौठा विधायक जवाहरलाल राजपूत ने मेडिकल कॉलेज में भर्ती थाना प्रभारी का हालचाल लेते हुए घटना की जानकारी भी ली।
खुन्नस मान गया था पुष्पेंद्र
चर्चा है कि 29 सितंबर को एरच थाना क्षेत्र के गांव करगुवां पुष्पेंद्र का बालू से भरा ट्रक मोंठ पुलिस ने पकड़ लिया था। बताया गया है कि ट्रक को छोड़ने को लेकर थाना प्रभारी धर्मेंद्र सिंह और पुष्पेंद्र के बीच मामला निपटाने की बात हुई थी। जिसको लेकर धर्मेंद्र चौहान और पुष्पेंद्र में तनातनी चल रही थी। माना जा रहा है कि बदला लेने की गरज से पुष्पेंद्र ने चौहान पर हमला किया।
पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी हुई
डॉॅ. अरविंद सोनी, डॉ. रवि सोनी और डॉ. प्रदीप अग्रवाल के पैनल ने पोस्टमार्टम किया, जिसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई। इधर, पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।