झांसी। जिला अस्पताल में पुर्तगाल से ऑक्सीजन प्लांट आ गया है। जल्द ही यहां पर प्लांट की स्थापना हो जाएगी। इसके अलावा झांसी में नौ और स्वास्थ्य इकाइयों में ऑक्सीजन प्लांट लगना है। कई जगह पर ढांचा बनकर तैयार भी हो गया है। सभी 10 प्लांट शुरू होने के बाद झांसी में 115 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की रोज उपलब्धता होगी।
कोरोना की दूसरी लहर में ऑक्सीजन की किल्लत सामने आई थी। हालांकि, केंद्र और प्रदेश सरकार ने तत्परता दिखाते हुए झांसी में दो-तीन दिनों में ही इस समस्या का समाधान कर दिया था। इसके लिए देश भर में रेल मंत्रालय की तरफ से ऑक्सीजन एक्सप्रेस चलाई गईं। सितंबर तक झांसी समेत बुंदेलखंड में कोरोना की तीसरी लहर प्रस्तावित है। इसको मद्देनजर रखते हुए प्रदेश सरकार ने तैयारियां पहले से ही शुरू कर दी हैं। झांसी में पहले छह ऑक्सीजन प्लांट शुरू करने की शासन ने मंजूरी दी थी, जिसे बढ़ाकर 10 कर दिया गया। जिला अस्पताल में अब पुर्तगाल से ऑक्सीजन प्लांट आ भी गया है। यहां जल्द ही प्लांट की स्थापना हो जाएगी। इसके बाद ऑक्सीजन की सप्लाई प्लांट से होने लगेगी। नोडल अधिकारी डॉ. महेंद्र कुमार ने बताया कि भारत में ऑक्सीजन प्लांट नहीं बनते हैं। इन्हें विदेशों से ही मंगवाया जाता है। ऐसे में झांसी में जल्द ही कुछ और प्लांट आ जाएंगे। कई जगह प्लांट के लिए ढांचा बनकर तैयार हैं।
कहां-कहां लगेंगे प्लांट
स्वास्थ्य इकाई प्लांट क्षमता
सीएचसी रानीपुर 500
सीएचसी बड़ागांव 500
सीएचसी बरुआसागर 500
सीएचसी गरौठा 500
सीएचसी समथर 500
रेलवे अस्पताल 500
कैंट अस्पताल 500
मिलिट्री हॉस्पिटल 500
जिला अस्पताल 850
मेडिकल कॉलेज 1000
(नोट: प्लांट लीटर प्रति मिनट में)