बिजौली और हंसारी में विकास कार्यों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए पार्षदों ने क्षेत्रीय लोगों के साथ नगर निगम में धरना देकर प्रदर्शन किया। उन्होंने महापौर और नगर आयुक्त के खिलाफ नारेबाजी की। बाद में नगर आयुक्त के आश्वासन पर वह मान गए।
वार्ड 02 हंसारीगिर्द द्वितीय के पार्षद राजाराम व वार्ड 15 बिजौली के पार्षद वीरेंद्र सिंह खटीक अपने-अपने वार्ड से करीब पचास महिलाओं और पुरुषों को लेकर कलेक्ट्रेट से नारेबाजी करते हुए नगर निगम पहुंचे और अनशन पर बैठ गए। उनका आरोप था कि महापौर और नगर आयुक्त उनके बताए गए कार्यों की ओर ध्यान नहीं देते हैं। इससे क्षेत्र में सड़कों और नालियों के विकास कार्य ठप हैं। पार्षद राजाराम का आरोप था कि हंसारी में जगह होने के बाद भी श्मशान घाट नहीं बन पा रहा है, जबकि वह कई बार प्रस्ताव दे चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि महापौर जानबूझकर उनके वार्ड में काम नहीं करना चाह रही हैं।
वीरेंद्र सिंह का आरोप था कि उनके वार्ड में सड़कों, नालियों और नालों के एस्टीमेट बने रखे हैं, लेकिन टेंडर नहीं निकाले जा रहे हैं। वार्डवासियों पर मनमाना हाउस टैक्स लगाया जा रहा है। शिकायत करने पर कोई सुनता नहीं है। उन्होंने प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट का ब्योरा और नगर निगम के गैरिज में बेकार खड़ी गाड़ियों की जानकारी भी मांगी। पार्षदों ने नगर निगम के खिलाफ काफी देर तक नारेबाजी की। करीब दो घंटे बाद नगर आयुक्त अरुण प्रकाश ने उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई करने का आश्वासन देकर धरना खत्म कराया।
पांच करोड़ से अधिक के कार्य कराए
हंसारी और बिजौली वार्ड में पांच करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्य कराए जा चुके हैं। ऐसे में क्षेत्र में विकास कार्य नहीं कराने का आरोप बेबुनियाद है। पार्षद जिन महिलाओं की भीड़ लेकर आए थे, उन्हें राशन कार्ड दिलवाने का आश्वासन दिया गया था।
- किरण वर्मा, महापौर