झांसी। उत्तर प्रदेशीय सफाई मजदूर संघ के नेतृत्व में शुक्रवार को सफाई कर्मचारियों ने नगर निगम में धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान सफाई कर्मचारियों का सैलाब उमड़ने से सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ती नजर आईं। कोविड नियमों का पालन न होने और भीड़ उमड़ने की सूचना पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने सफाई कर्मचारियों को समझा-बुझाकर धरना खत्म कराया।
नगर निगम में शुक्रवार को सफाई कर्मचारियों की भारी भीड़ उमड़ी। सफाई मजदूर संघ के नेतृत्व में सफाई कर्मचारियों ने मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। इस मौके पर जिलाध्यक्ष अशोक प्याल ने कहा कि नगर निगम अधिकारियों को समस्याओं को लेकर पूर्व में ज्ञापन दिया गया था। जिसमें डेरा बस्ती के बेरोजगारों को नौकरी देने की मांग की गई थी। साथ ही, सफाई कर्मचारियों की कटौतियां, एरियर भुगतान की मांग की गई। लेकिन नगर निगम अधिकारियों ने कोई सुनवाई नहीं की।
धरने में भीड़ उमड़ने की सूचना पर नगर मजिस्ट्रेट सलिल पटेल और एसपी सिटी राहुल श्रीवास्तव मौके पर पहुंचे। उन्होंने सफाई कर्मचारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन सफाई कर्मचारी मानने को तैयार नहीं हुए। इसके बाद अपर नगर आयुक्त अरुण कुमार गुप्त ने ज्ञापन लेकर समाधान का आश्वासन दिया। सफाई कर्मचारियों ने कहा कि अगर 14 सितंबर तक समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो फिर से धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इस मौके पर सियाराम महरौलिया, सूरज प्याल, कुंदनलाल नेताजी, बालकृष्ण गांचले, सुभाष माते, मुन्नालाल करौसिया, सुरेश ठेकेदार, प्रकाश चौधरी, महेश, नरेश डागौर, लखनलाल, अरुण चौधरी, राकेश करौसिया, शंभू नरवारे, संजय पहलवान, नवलकिशोर प्याल, महेश पहलवान समेत बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी मौजूद रहे।