झांसी। बार- बार मौसम परिवर्तन और बारिश से हुई ठंडक के कारण प्रदेश में बिजली की मांग 20 हजार मेगावाट से घटकर 12 हजार मेगावाट पर आ गई है। बिजली की मांग घटने पर पारीछा थर्मल पावर प्लांट की चालू सभी तीन इकाइयों को नौ मार्च से बंद (थर्मल ब्रेकिंग) कर दिया है। अब स्टेट लोड डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर से आदेश मिलने के बाद ही उत्पादन शुरू होगा। जबकि अनुबंध के कारण बजाज पावर प्लांट से आपूर्ति सुचारु रूप से ली जा रही है।
पारीछा थर्मल पावर प्लांट में वर्तमान में 210 मेगावाट की दो व 250 मेगावाट की दो इकाइयां हैं। सालों पुरानी 110 मेगावाट की दोनों इकाइयों को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। जबकि, 210 मेगावाट की तीन नंबर इकाई पिछले महीने से ओवर हालिंग (मरम्मत कार्य) पर चल रही है। इस कारण 780 मेगावाट में तीन इकाइयों से 570 मेगावाट का उत्पादन हो रहा था।
इन दिनों प्रदेश में बार मौसम बदलने से हो रही बारिश के कारण बिजली की डिमांड (मांग) कम चल रही है, इस कारण स्टेट लोड डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर के आदेश पर पारीछा थर्मल पावर प्लांट की चालू तीनों इकाइयों को नौ मार्च से बंद कर दिया गया है। प्लांट के एक अधिकारी ने बताया कि स्टेट लोड डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर के आदेश पर ही उत्पादन इकाइयों को चालू किया जाएगा।
वहीं, ललितपुर स्थित बजाज पावर प्लांट की 660 मेगावाट की दोनों इकाइयों से उत्पादन चालू है। चूंकि, प्रदेश सरकार ने बजाज पावर प्लांट से अनुबंध कर रखा है, इस कारण बिजली लेना मजबूरी है। मालूम हो कि, सरकार को बजाज पावर प्लांट से महंगे दामों में बिजली लेनी पड़ती है।
इसलिए बंद होती हैं इकाइयां
बिजली की खपत के हिसाब से उपलब्धता अधिक होने पर फ्रीक्ंवेंसी बढ़ जाती हैं। इससे मशीनें ट्रिप हो जाती हैं। सिस्टम को बचाने के लिए ऐसा करना पड़ता है। बिजली खपत के हिसाब से उपलब्धता कम होने पर वोल्टेज की समस्या उत्पन्न हो जाती है। बिजली को स्टोर नहीं किया जा सकता। इस कारण उतना ही उत्पादन किया जाता है, जितनी जरूरत होती है।
कोरोना को लेकर नहीं बरती जा रही सावधानी
पारीछा थर्मल पावर प्लांट में इन दिनों 210 मेगावाट की तीन नंबर इकाई की ओवर हालिंग का काम चल रहा है। इसकी मरम्मत के लिए आए दिन प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से एजेंसियों के जेई, अधिकारी व कर्मचारी आते रहते हैं। मगर मुख्य द्वार पर उनकी स्क्रीनिंग की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। प्लांट के अंदर भी आवश्यक कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। पारीछा तापीय संगठन के एक पदाधिकारी ने बताया कि कोरोना वायरस के बचाव को लेकर अभी तक प्लांट प्रशासन ने समुचित व्यवस्था नहीं की है। शुक्रवार से अवश्य कार्यालय में सेनेटाइजर की व्यवस्था शुरू की गई।