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Jhansi News: मेडिकल कॉलेज परिसर में खड़ी रहती हैं निजी एबुंलेंस, चालक मांगते हैं मनमाना शुल्क

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संवाद न्यूज एजेंसी
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ललितपुर। मेडिकल कॉलेज परिसर में शाम होते ही निजी एंबुलेंस चालकों का खेल शुरू हो जाता है। इमरजेंसी में आने वाले गंभीर मरीजों के रेफर होने पर मिलीभगत के चलते कुछ कर्मी तो निजी एंबुलेंस से तक जाने की सलाह दे डालते हैं। मरीज जब सरकारी एंबुलेंस से जाने की बात करता है तो जल्दबाजी कर डरा देते हैं। ऐसे में मरीज परेशान होकर निजी एंबुलेंस से जाने को मजबूर हो जाते हैं। एंबुलेंस चालक मनमाने पैसे वसूलते हैं। यदि कोई मरीज जब निजी एंबुलेंस से उतरता है तो अभद्रता कर पैसे ऐंठ लेते हैं। न देने पर मरीज को नहीं उतरने देते हैं। इसके बाद भी जिम्मेदार मौन बने हुए हैं।
मेडिकल कॉलेज में शाम होते ही निजी एंबुलेंस चालकों की मनमानी शुरु हो जाती है। अधिकांश निजी चालक इमरजेंसी के बाहर खड़े हो जाते हैं। रात में आने वाले प्रत्येक मरीज पर निगाह रखते हैं। गंभीर मरीज आने पर इमरजेंसी में आ जाते हैं। रेफर होने की स्थिति में मरीजों को निजी एंबुलेंस से जाने की सलाह देते हैं। ऐसे में कई मरीज निजी एंबुलेंस से चले जाते हैं। वहीं कुछ मरीज सरकारी एंबुलेंस से जाना चाहते हैं, जिस पर सरकारी एंबुलेंस को कॉल करते हैं। लेकिन न मिलने पर मजबूरन ही निजी एंबुलेंस से ले जाते है।
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एंबुलेंस में बैठकर उतरने पर भी वसूल लेते पैसा
मेडिकल कॉलेज परिसर में निजी एंबुलेंस चालकों की दबंगई का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि रेफर के दौरान एंबुलेंस में देरी होने पर मरीज निजी एंबुलेंस में बैठ गया और इसके बाद सरकारी एंबुलेंस आने पर उतर गया तो पैसे देना होंगे। न देने पर दबंगई पर उतर आते हैं। ग्रामीण क्षेत्र व निजी चालकों की यूनिटी होने के चलते डर से पैसे दे देते हैं। इसके बाद मरीज को उतारते हैं।
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रात नहीं दिन में मेडिकल से संचालित हो रहीं निजी एंबुलेंस
जनपद में मेडिकल कॉलेज में रात में ही नहीं दिन में भी निजी एंबुलेंस संचालित हो रही हैं। सोमवार को इमरजेंसी के गेट के पास, तो मुख्य गेट के पास तीन एंबुलेंस खड़ी रहीं। ऐसे में निजी एंबुलेंस के संचालन की स्थिति का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
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मेडिकल कॉलेज में एंबुलेंस खड़े होने की सूचना पर फोटो निकलवा ली हैं। गार्डों द्वारा एंबुलेंस को हटवाया जाएगा। इमरजेंसी में किसी भी चालक को खड़ा नहीं होने दिया जाएगा।
- डॉ. डीनाथ, प्रधानाचार्य, मेडिकल कॉलेज ललितपुर
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