शिवपुरी जिले के करैरा कसबे के पास टीला गांव में जेल से पैरोल पर छूटकर आए एक सजायाफ्ता कैदी ने घर पहुंचकर पहले पत्नी की गला रेतकर बेरहमी से हत्या कर दी और उसके बाद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मंगलवार की रात वारदात को अंजाम उस समय दिया जब बच्चे एक शादी समारोह में शामिल होने गए थे।
करैरा कस्बे के टीला गांव के लोटनपुरा निवासी कैलाश जाटव (35) को हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। वह ग्वालियर जेल में सजा काट रहा था। तीन मार्च को वह तीन महीने की पैरोल पर घर आया था। तीन जून को उसकी पैरोल खत्म हो गई थी, लेकिन बसें न चलने की वजह से उसने करैरा के उप जेल में ही हाजिरी देकर तीन महीने की पैरोल और बढ़वा ली थी। मंगलवार-बुधवार की दरम्यानी रात उसके तीनों बच्चे रिश्तेदार के यहां शादी में गए हुए थे। कैलाश और उसकी पत्नी कलावती (30) घर में अकेले थे। इसी दौरान किसी बात पर उसका पत्नी से विवाद हो गया। गुस्से में उसने पत्नी की चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी और इसके बाद खुद भी फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
बुधवार की सुबह कैलाश का भाई ठाकुरदास जाटव उसके घर आया। काफी देर तक आवाज लगाने के बाद जब दरवाजा नहीं खुला तो उसने खिड़की से अंदर झांककर देखा। अंदर कैलाश फांसी के फंदे पर लटका नजर आया। जबकि, उसकी पत्नी का रक्तरंजित शव पलंग पर पड़ा था। इस पर उसने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घर के छत से अंदर कूदकर दरवाजा खोला। इसके बाद घटना की जांच कर दोनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
करैरा थाने के दरोगा चेतन शर्मा का कहना है कि कैलाश सनकी किस्म का व्यक्ति था। किसी बात पर पत्नी से रात में विवाद होने पर उसने पहले पत्नी को मारा और फिर खुद भी फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। कलावती का गला चाकू से काटा गया है। गले की नस कटने और खून अधिक बहने से उसकी मौत हुई है।
दो बच्चों की हत्या में हुई थी उम्रकैद
करैरा (झांसी)। कैलाश जाटव ने गांव के ही दो बच्चों की निर्मम हत्या की थी। इस घटना को उसने दस साल पहले अंजाम दिया था। बच्चों के परिजनों ने कैलाश पर हत्या का आरोप लगाया था। आरोप सिद्ध होने पर न्यायालय ने कैलाश को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। वह अपनी सजा ग्वालियर जेल में काट रहा था।
बच्चों के सिर से मां का साया भी छिना
कैलाश के तीन बच्चे हैं। इनमें एक बेटी 16 साल की, दूसरी 14 की और बेटा 8 साल का है। चूंकि, कैलाश लंबे समय से जेल में बंद था। ऐसे में मां कलावती ही तीनों बच्चों की परवरिश कर रही थी, लेकिन कैलाश ने बच्चों के सिर से मां का साया भी छीन लिया। घटना से इलाके में कोहराम मचा हुआ है। बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।