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गर्मियों से और बेहतर हो जाएगी बिजली व्यवस्था

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गर्मियों से और बेहतर हो जाएगी बिजली व्यवस्था
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झांसी। बबीना में बनने वाले 220 केवीए ट्रांसमिशन सबस्टेशन पर निर्माण कार्य शुरू हो गया है। इसके निर्माण के लिए सात करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस सबस्टेशन को दुनारा और हंसारी से जोड़ने के लिए हाइटेंशन लाइनें भी डाल ली गई हैं। इस सब स्टेशन से बबीना और आसपास के सभी कस्बे जुड़ जाएंगे, जिससे हंसारी ट्रांसमिशन सब स्टेशन का लोड कम हो जाएगा। जून 2020 तक इस सबस्टेशन को चालू करने का लक्ष्य बनाया गया है। इसके शुरू होने से बिजली व्यवस्था और अच्छी हो जाएगी।
महानगर में हंसारी ट्रांसमिशन सब स्टेशन पर लगे उच्च क्षमता 63 एमवीए (मेगावाट) के दो और 40 एमवीए के एक ट्रांसफार्मर से जेल चौराहा, हाइडिल, रानीमहल, मुन्नालाल, पुलिया नंबर नौ, प्रेमनगर, नंदनपुरा, खालसा सीपरी बाजार, गल्ला मंडी, बिजौली, ग्रोथ सेंटर, बबीना, खैलार, भेल, और बरुआसागर को बिजली दी जा रही है। गर्मियों में बिजली की मांग बढ़ने पर हंसारी पर ओवर लोडिंग की स्थिति बन जाती है। सभी क्षेत्रों को एक साथ बिजली देना मुश्किल हो जाता है। हंसारी से लोड कम करने के लिए बबीना के सुकुवां ढुकुवां मार्ग पर दस एकड़ जमीन पर 220 केवीए का नया ट्रांसमिशन सबस्टेशन बनाया जा रहा है। सात करोड़ की लागत से बनने वाले इस सब स्टेशन से बिजौली, ग्रोथ सेंटर, बबीना, खैलार, भेल और आसपास क्षेत्रों को जोड़ा जाएगा। इस सब स्टेशन को पारीछा और बजाज पावर प्लांट की ग्रिड लाइनों को जोड़ा जाएगा। इसका फायदा होगा कि एक ग्रिड लाइन के फेल होने पर दूसरी लाइन से लाइन को चालू कर लिया जाएगा।
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‘ बबीना में 220 ट्रांसमिशन सबस्टेशन का काम शुरू हो गया है। नींव तैयार हो गई है। दुनारा और हंसारी को जोड़ने के लिए आठ किलोमीटर की लाइनें भी तैयार कर ली गई हैं। इस ट्रांसमिशन सबस्टेशन बनने पर हंसारी पावर हाउस पर लोड कम हो जाएगा। इससे गर्मियों में होने वाली ओवर लोडिंग की समस्या से निजात मिल जाएगी। सबस्टेशन को जून 2020 में चालू करने का लक्ष्य रखा गया है।’
विनोद कुमार जायसवाल, अधिशासी अभियंता, ट्रांसमिशन।
महानगर से अठारह किलोमीटर दूर पारीछा थर्मल पावर हाउस में 250- 250 मेगावाट की दो, 210 -210 मेगावाट की दो व 110 - 110 मेगावाट की दो इकाइयों से विद्युत उत्पादन होता है। जनपद में स्थापित यह प्लांट दस शहरों को रोशन करने के बराबर बिजली उत्पन्न करता है। यहां की बिजली दक्षिणांचल ग्रिड लाइन को दी जाती है। पारीछा से आने वाले 132 केवीए के दो सर्किटों की मदद से झांसी व ललितपुर को बिजली दी जाती है। तीन साल पहले तक एक सर्किट फेल होने पर ही झांसी व ललितपुर की बिजली तुरंत ही पटरी से उतर जाती थी।
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मगर, अक्तूबर 2016 से ललितपुर के चिगलऊआ में 1980 मेगावाट की तीन इकाइयों के चालू होने से अब झांसी और ललितपुर को दो जगह से बिजली मिलने लगी है। पारीछा थर्मल पावर प्लांट और बजाज पावर प्लांट से आने वाले करंट को बड़ागांव के दुनारा स्थित 220 केवीए ट्रांसमिशन सबस्टेशन से जोड़ा गया है। बबीना में एक नए ट्रांसमिशन सबस्टेशन के बनने से झांसी और आसपास क्षेत्र की बिजली आपूर्ति और बेहतर हो जाएगी।
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