झांसी। महानगर में बिजली व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई है। सर्दियों में बिजली विभाग सोता रहा, अब भीषण गर्मी में जगह- जगह बिजली को बंद रखकर मरम्मत काम कराए जा रहे हैं। वक्त पर न तो ट्रांसफार्मर बदले गए हैं और न ही रात में फाल्ट सुधारे जा रहे हैं। इस अव्यवस्था का खामियाजा शहर की छह लाख और ग्रामीण क्षेत्रों की 13 लाख से अधिक जनता भुगत रही है। कमजोर नुमाइंदगी के कारण जनप्रतिनिधि भी अपनी बात शासन तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं।
बुंदेलखंड के शहरी क्षेत्रों को 24 और ग्रामीण क्षेत्रों को 20 घंटे बिजली देने का रोस्टर चल रहा है। भीषण गर्मी में शहरवासियों को बिजली खूब रुला रही है। 24 घंटे में बमुश्किल 16 घंटे भी बिजली शहरवासियों को नहीं मिल रही है। जबकि, अधिकारी दिन और रात में अलग- अलग वक्त कटौती की जा रही है। बिजली के जाते ही उमस भरी गर्मी पंखा, कूलर, एसी शो पीस बनकर रह जाते हैं। रात में फाल्ट ठीक न होने पर महानगर के कई हिस्सों में अंधेरा रहता है। लोगों को रात काटना मुश्किल हो गया। खासकर वृद्ध और बच्चे बेचैन रहते हैं। पिछले दो हफ्तों से यह स्थिति शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में बनी है।
ऐसी स्थिति में भी बिजली विभाग जगह- जगह मरम्मत कार्य कराने में लगा है। पिछले चार दिन से बेतवा विहार में लाइन खींचने के कार्य के कारण सूती मिल और पंचवटी सबस्टेशन से जुड़े 50 से अधिक इलाकों की बिजली को सुबह के वक्त तीन से चार घंटे तक बंद रखा जा रहा है। इस अवधि में सूतीमिल और उनाव गेट सबस्टेशन से जुड़े अयोध्यापुरी, महेंद्र पुरी कॉलोनी, थापक बाग, करारी, अंबावाय, पाल कॉलोनी, औद्योगिक क्षेत्र, थापक बाग, फ्रेंड्स कॉलोनी, आईटीआई, पंचवटी, अंदर- बाहर उनाव गेट, मेवातीपुरा, बूढ़ा, भोजला, सुपर कॉलोनी समेत 50 मोहल्लों के लोगों को पल- पल काटना मुश्किल हो जाता है।
- पिछले चार साल से बेतवा विहार में लाइन खींचने का काम लंबित चल रहा था। उच्च अधिकारियों का दबाव था, इस कारण काम करवाना पड़ रहा है। बाहर बड़ागांव गेट में फुंका ट्रांसफार्मर उसी दिन क्यों नहीं बदला गया? इसकी जांच करवा रहे हैं। मनोज कुमार पाठक, मुख्य अभियंता (वितरण)।
पांच हजार लोगों के लिए रात काटना हो गई मुश्किल
- 36 घंटे बाद बदला गया फुंका ट्रांसफार्मर
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बिजली विभाग की अनदेखी के कारण बाहर बड़ागांव गेट स्थित तलैया मोहल्ले की गली में लगा ट्रांसफार्मर 36 घंटे बाद जा सका। बिजली न आने के कारण संबंधित क्षेत्र के पांच हजार से अधिक लोगों के लिए रात काटना मुश्किल हो गया।
बाहर बड़ागांव गेट नारायण बाग चौराहे के आगे तलैया मुहल्ले में लगा 250 केवीए ट्रांसफार्मर बुधवार की सुबह साढ़े नौ बजे फुंक गया था। बुधवार को दिन भर लोग सबस्टेशन पर ट्रांसफार्मर बदलने के लिए फोन करते रहे, लेकिन रात में ट्रांसफार्मर नहीं बदला गया। बृहस्पतिवार को भी दिन भर लोग ट्रांसफार्मर आने का इंतजार करते रहे। मगर शाम को ट्रांसफार्मर पहुंचा। बाद में ट्रांसफार्मर को चालू करने में तीन घंटे का वक्त लग गया। वहीं, बिजली न आने के कारण संबंधित क्षेत्र के लोगों के लिए पल- पल काटना मुश्किल हो गया।
बुधवार की सुबह साढ़े नौ बजे ट्रांसफार्मर फुंक गया था। इसके बाद तो गर्मी में एक- एक पल काटना मुश्किल हो गया। नीरज कुशवाहा।
रात में गर्मी के कारण बच्चे सो नहीं सके। छत पर गए तो मच्छर काट रहे थे। रात भर बिजली विभाग को कोसते रहे। नरेश कुमार लखेरा।
वैसे तो बिजली विभाग शहर में कुछ घंटे में ही ट्रांसफार्मर को बदलने का दावा करता है, लेकिन हकीकत ने विभाग की पोल खोल दी है। जितेंद्र कुशवाहा।
दिन में तो इनवर्टर से काम चल गया। मगर रात में बिजली न रहने पर पूरा परिवार बेचैन रहा। हवा भी नहीं चल रही थी। अमित प्रजापति।
गर्मियों में तो कम से कम बिजली विभाग के अधिकारियों को समय पर ट्रांसफार्मर बदलने पर ध्यान देना चाहिए। लोगों की समस्या समझनी चाहिए। राजीव कुमार गुप्ता।