महानगर के विद्युत ढांचे को मजबूत करने में जुटी कंपनी ने अपना काम लगभग पूरा कर लिया है। अगर काम के परिणाम अच्छे आए तो लोगों को इस बार स्थानीय फाल्टों के कारण गर्मियों में बिजली कटौती का सामना नहीं करना होगा।
महानगर में बढ़ते विद्युत लोड व वर्षों पुराने तारों के जाल को खत्म करने के लिए उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन ने आरएपीडीआरपी (बुंदेलखंड पैकेज) व स्केडा (सुपरवीजन कंट्रोल एंड डाटा एक्यूसन प्रोग्राम) के अंतर्गत 212 करोड़ की धनराशि स्वीकृत कर रखी है। दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम ने कार्य को पूरा कराने का ठेका 20 जून 2014 को गाजियाबाद की कैपिटल इलेक्ट्रिक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को दिया था। अभी तक कंपनी अपना 95 प्रतिशत काम पूरा कर चुकी है। विभाग का दावा है कि लोगों को अब गर्मियों में स्थानीय फाल्ट और ओवर लोडिंग के कारण बिजली कटौती का सामना नहीं करना पड़ेगा। इस संबंध में प्रोजेक्ट मैनेजर मयंक शर्मा ने बताया कि अधूरे काम को अप्रैल के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा।
यह काम पूरे हुए
- 100 केवीए के 127, 400 केवीए के 88 और 250 केवीए के 80 नए ट्रांसफार्मर लगे।
- 65 किलोमीटर अंडर ग्राउंड 11 केवीए हाइटेंशन केबल सबस्टेशनों के पास डाली गई।
- सबस्टेशनों पर पैनल और बीसीबी बदली गई।
- गल्ला मंडी, सीपरी बाजार और उन्नाव गेट पर लगे पांच एमवीए ट्रांसफार्मरों की जगह दस एमवीए के लगाए गए।
- 600 में 585 किलोमीटर एरियर बंच कंडक्टर केबल डाली गई।
- गल्ला मंडी और हाइडिल कॉलोनी में नया सबस्टेशन बनाने का काम अंतिम चरण में चल रहा है। यह सबस्टेशन अप्रैल में चालू हो जाएंगे।
- हंसारी से हाइडिल और दुनारा से गल्ला मंडी सबस्टेशन तक 33 केवीए नई हाइटेंशन लाइन डाली गईं।
- छह सबस्टेशनों से 20 नए फीडर बनाए गए।
यह काम बाकी
- 15 किलोमीटर एरियर बंच कंडक्टर तार डाला जाना है।
- गल्ला मंडी और हाइड्रिल कॉलोनी में बनाए जा रहे नए सबस्टेशन से नौ नए फीडर निकाले जाने हैं।