झांसी। प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी ‘सुकन्या समृद्धि योजना’ की प्रगति झांसी मंडल में निराशाजनक रही है। इसका अंदाजा डाक विभाग के अभिलेखों में दर्ज आंकड़ों को देखकर आसानी से लगाया जा सकता है। व्यापक प्रचार-प्रसार के बाद भी योजना के लक्ष्य के सापेक्ष महज सत्रह फीसदी खाते ही खुल पाए हैं।
बेटी की पढ़ाई व शादी में पैसे की कमी आड़े न आए, इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनवरी माह में सुकन्या समृद्धि योजना की शुरुआत की थी। इस योजना को जन-जन तक पहुंचाने की जिम्मेदारी डाक विभाग को सौंपी गई थी। विभाग द्वारा प्रधानमंत्री की इस महत्वाकांक्षी योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया था। खाते खोलने के लिए जगह-जगह शिविर भी लगाए गए थे। शुरुआत में मध्यम वर्ग का योजना के प्रति रुझान भी नजर आ रहा था।
बावजूद, योजना मंडल के झांसी, ललितपुर व जालौन जनपद में रफ्तार नहीं पकड़ पाई। योजना के तहत मंडल में एक लाख खाते खोले जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, परंतु अब तक 17,282 खाते ही खुल पाए हैं। जानकारों की मानें तो ज्यादातर लोगों को योजना की लंबी अवधि रास नहीं आ रही है। यही वजह है कि लोग इसके खाते खोलने से कतरा रहे हैं।
यह है योजना
सुकन्या समृद्धि योजना के तहत एक वित्तीय वर्ष में न्यूनतम एक हजार और अधिकतम डेढ़ लाख या इसके बीच की कितनी भी रकम जमा की जा सकती है। यह पैसा अकाउंट खुलने के चौदह साल तक ही जमा करना होगा। लेकिन, खाता बेटी की 21 साल की आयु पूरी होने पर ही मैच्योर होगा। हालांकि, 18 साल की आयु पर आधा पैसा निकाला जा सकता है। 21 साल के बाद खाता बंद हो जाएगा। यदि बेटी का विवाह 18 से 21 साल की आयु के बीच होता है, तो खाता उसी समय बंद हो जाएगा। एक बालिका के नाम एक ही खाता खोला जा सकता है। खाता 10 वर्ष तक की बालिका के नाम खोला जा सकता है।
यह मिलेगा रिटर्न
यदि 2015 में कोई व्यक्ति एक हजार रुपये महीने से अकाउंट खोलता है, तो उसे 14 साल यानी 2028 तक हर साल बारह हजार रुपये जमा करने होंगे। इसमें ब्याज की वर्तमान दर 9.2 प्रतिशत वार्षिक है। बच्ची के इक्कीस साल की होने पर उसे 6,15,784 रुपये का भुगतान किया जाएगा। इसमें जमा की गई मूल राशि 1.68 लाख रुपये होगी। जबकि, 4,47,784 रुपये ब्याज होगा।