झांसी। पॉलीटेक्निक में हुए सामूहिक दुष्कर्म प्रकरण की जांच संयुक्त निदेशक प्राविधिक शिक्षा ने शुरू कर दी है। उन्होंने पॉलीटेक्निक के अधिकारियों को तलब करके बयान दर्ज किए हैं। दो दिन में जांच पूरी होने की उम्मीद है। इस मामले में पॉलीटेक्निक के स्टाफ पर भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है। लापरवाही सामने आने पर कार्रवाई संभव है।
पॉलीटेक्निक दुष्कर्म प्रकरण की गूंज लखनऊ तक पहुंच चुकी है। शासन से लगातार इनपुट लिया जा रहा है। सूत्रों ने बताया कि राजधानी से भी स्पष्ट निर्देश हैं कि इस मामले में जो भी दोषी हो, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। पुलिस-प्रशासन से लेकर विभागीय जांच भी शुरू हो गई। संयुक्त निदेशक प्राविधिक शिक्षा ने विभागीय जांच की कमान खुद अपने हाथों में ले ली है। उन्होंने पॉलीटेक्निक के अधिकारियों को तलब कर तमाम सवाल दागे। स्टाफ से जुड़े अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों तक के बयान दर्ज किए गए हैं। दो दिन के अंदर यह जांच पूरी होने की संभावना है। जांच रिपोर्ट निदेशालय भेजे जाएगी। इसके आधार पर कार्रवाई होगी। वहीं, सूत्रों ने बताया कि पॉलीटेक्निक में कई लोगों पर भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है। इतनी बड़ी घटना से जहां पॉलीटेक्निक का इतिहास दागदार हुआ ही है, वहीं सुरक्षा, सतर्कता में लापरवाही भी उजागर हुई है।
वीराने में हॉस्टल और सीसीटीवी कैमरे तक नहीं
पॉलीटेक्निक का हॉस्टल वीरान जगह में है। आसपास झाड़-झंखाड़ होने की वजह से हॉस्टल जैसा लगता ही नहीं है। हॉस्टल में आए दिन छात्र शराब पीकर उत्पात मचाते हैं। कई बार उनके बीच में मारपीट भी होती है। यहां पर बाहरी लोगों का भी आना-जाना लगा रहता है। इसके बावजूद यहां पर सीसीटीवी कैमरे तक नहीं लगे हैं।
कई बार पुलिस गश्त के लिए लिखा पत्र
पॉलीटेक्निक के अधिकारियों ने बताया कि कई बार पुलिस की गश्ती को लेकर पत्र लिखा जा चुका है। इसके बावजूद यहां पर पुलिस गश्त करने नहीं आती है। यहां पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने के लिए फिर से पुलिस अधिकारियों को पत्र लिखा जाएगा।
इन बिंदुओं पर हो रही जांच
- हॉस्टल में किसकी ड्यूटी थी, सुरक्षा कर्मी मौके पर तैनात था या नहीं?
- नौ अक्तूबर तक की अनुमति होने के बाद भी छात्र हॉस्टल में कैसे रुके रहे?
- क्या छात्रों को हॉस्टल में रुकने के लिए किसी कर्मचारी ने मदद की?
- छात्रों के पास डुप्लीकेट चाबी भी थी तो दो दिनों तक चौकीदार वहां गया ही नहीं?
- एक आरोपी की लगातार काफी शिकायतें आ रही थीं तो उस पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
- सुरक्षा की दृष्टि से हॉस्टल पर निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे क्यों नहीं लगे हैं?
दुष्कर्म मामले की जांच शुरू कर दी गई है। घटना के संबंध में पॉलीटेक्निक कॉलेज के अधिकारियों, कर्मचारियों के बयान लिए गए हैं। दो दिन में मामले की जांच पूरी हो जाएगी। यदि किसी स्टाफ का दोष सामने आता है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। - डीएम सिंह, संयुक्त निदेशक, प्राविधिक शिक्षा।