राजकीय पॉलीटेक्निक का छात्रावास के पास तैनात पुलिस यहां छात्रा के साथ आठ छात्रों ने दुष्कर्म कि?
झांसी। राजकीय पॉलीटेक्निक के हॉस्टल में सब कुछ गड़बड़ था। किसी प्रकार की मानीटरिंग नहीं हो रही थी। यहां कुछ दबंग छात्रों का राज चल रहा था। सुरक्षा के लिहाज से भी कोई इंतजाम नहीं था। अफसरों ने भी व्यवस्था को बेहतर बनाने का कोई प्रयास नहीं किया। बृहस्पतिवार को प्राविधिक शिक्षा विभाग के चार सदस्यों ने अपनी जो जांच रिपोर्ट तैयार की है वह कुछ ऐसी ही है। इस रिपोर्ट को कानपुर में डायरेक्टर को सौंपा जाएगा। माना जा रहा है कि इस रिपोर्ट के आधार पर बड़ी कार्रवाई होगी। पॉलीटेक्निक प्रशासन में बड़ा फेरबदल हो सकता है।
ग्वालियर रोड पर स्थित राजकीय पॉलीटेक्निक में एक नाबालिग छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ था। पुलिस ने भी सभी 8 आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है। अब इस पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है। पॉलीटेक्निक प्रशासन की कहां लापरवाही रही इसकी पड़ताल प्राविधिक शिक्षा विभाग की टीम कर रही है। प्राविधिक शिक्षा में वाराणसी के संयुक्त शिक्षा निदेशक सुरेंद्र प्रसाद इस टीम की अगुवाई कर रहे हैं। टीम के सदस्यों ने बुधवार को हॉस्टल का चप्पा चप्पा देखा था। स्टाफ से बातचीत की गई। बृहस्पतिवार को जांच रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। जांच टीम के सदस्यों ने अमर उजाला के साथ बातचीत में इतना बताया है कि भारी लापरवाही मिली है। हॉस्टल में किसी प्रकार की निगहबानी नहीं हो रही थी। छात्रों ने शिकायतें की थीं लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया। सीसीटीवी कैमरे होने चाहिए मगर नहीं लगाया गया। साफ-सफाई की कोई व्यवस्था नहीं थी। बाहरी लोगों का आना-जाना नहीं रोका गया। क्षमता से अधिक छात्र रह रहे थे। अफसरों का कहना है कि हॉस्टल में आने जाने का कोई समय निर्धारित नहीं किया गया है।
जांच टीम को यह मिलीं लापरवाही
- हॉस्टल की कोई मानीटरिंग नहीं की जा रही थी
- छात्रों के यहां आने जाने का कोई समय निर्धारित नहीं था
-बाहरी लोगों का आना जाना नहीं रोका गया
- सुरक्षा के लिहाज से कोई इंतजाम नहीं किया गया था
- कई प्वाइंट पर सीसीटीवी कैमरे होने चाहिए मगर नहीं लगे
- पालीटेक्निक के अफसरों का भी विजिट होनी चाहिए मगर नहीं हुई