झांसी। शारदीय नवरात्र 17 अक्तूबर से हैं। जगह - जगह मां दुर्गा के स्वरूपों की मूर्तियां विराजमान हाेंगी। खास बात यह है कि इस बार अधिकांश मूर्तियां मिट्टी और कच्चे रंगों से तैयार हो रही हैं। कई मूर्तियां ऐसी हैं, जिनमें माहौर, मेहंदी, हल्दी, जरी गोटा का उपयोग किया गया है। इनमें छह इंच से लेकर एक फीट तक की मूर्तियां प्रमुख हैं। मूर्तिकारों का कहना है कि इस बार अधिकांश बड़ी मूर्तियां मध्य प्रदेश ले जायी गई हैं।
शारदीय नवरात्र से व्रत, अनुष्ठान एवं अन्य धार्मिक कार्यक्रम देवी मंदिरों एवं दुर्गा पंडालों में शुरू हो जाएंगे। पंचकुइयां मंदिर, महाकाली मंदिर, लक्ष्मी मंदिर, लहर की माता मंदिर, कैमासन मंदिर, मैमासन मंदिर सहित अन्य देवी मंदिरों में सुबह से लेकर रात्रि तक श्रद्धालु दर्शन के लिए उमडे़ंगे। इधर, कई जगहों पर परंपरागत रूप से दुर्गा मूर्तियां विराजमान होंगी। ऐसे में मूर्तिकारों ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
हालांकि महानगर के प्रमुख बाजारों में मां दुर्गा की छोटी - छोटी आकर्षक मूर्तियां उपलब्ध होनी शुरू हो गई हैं। इनमें से अधिकांश मूर्तियों में पीओपी एवं आयल कलर की जगह मिट्टी, बुंदेली चितेरी कला में उपयोग होने वाले रंगों, जरी, गोटा, घर में बनाए आकर्षक मुकुट आदि का उपयोग हुआ है। मूर्ति विक्रेता अनीता एवं रामलाल के अनुसार एक फीट की मूर्ति 1100 रुपये से लेकर 1500 रुपये तक मूल्य की है। इन मूर्तियों को बनाने में दो दिन लगे हैं।
संग्रहालय में नवरात्र पर प्रतियोगिताएं व प्रदर्शनी
झांसी। राजकीय संग्रहालय के तत्वावधान में महिलाओं एवं बालिकाओं के सशक्तीकरण के लिए नवरात्र पर्व के उपलक्ष्य में सांस्कृतिक एवं शैक्षिक कार्यक्रम 17 अक्तूबर से 23 अक्तूबर तक आयोजित होगा। संग्रहालय में 17 को मां दुर्गा के स्वरूपों और शक्ति का आज की नारी में प्रभाव तथा उनकी छवियों पर कैनवास पेंटिंग कार्यशाला आयोजित होगी। 18 को मां दुर्गा की नौ छवियों पर प्रदर्शनी, 19 को नारी समाज एवं बालिका सशक्तीकरण पर नुक्कड़ नाटक, 20 को मां के स्वरूपों पर फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता, 21 को देवी गीतों पर कार्यक्रम, 22 को नवरात्र पर केंद्रित लघु नृत्य नाटिका का मंचन और 23 को पुरस्कार वितरण समारोह होगा। यह जानकारी संग्रहालय उप निदेशिका आशा पांडेय ने दी है।