झांसी। राजकीय कुक्कुट प्रक्षेत्र भरारी में मुर्गे-मुर्गियों की मौत के मामले में पोस्टमार्टम और लखनऊ से आई जांच टीम ने संक्रमण को वजह माना है। जबकि कर्मचारी मुर्गे-मुर्गियों की मौत का कारण भूख बता रहे हैं। बुधवार को प्रक्षेत्र पर तैनात स्टाफ और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों ने प्रक्षेत्र के तकनीकी अधिकारी और अपर निदेशक पर गंभीर आरोप लगाए। वहीं मंडलीय पशुधन प्रसार अधिकारी संघ ने डीएम को ज्ञापन सौंपा।
डीएम को सौंपे ज्ञापन में प्रक्षेत्र के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों ने कहा कि कुक्कुट प्रक्षेत्र पर तैनात अधीक्षक और अपर निदेशक ग्रेड 2 डॉ. वीके सिंह ने उनको धमकी देकर जबरन लिखवाया कि मुर्गियों को बराबर दाना मिल रहा था। जबकि भूख से तड़पकर मुर्गे-मुर्गियों ने दम तोड़ा है। वे मुर्गे-मुर्गियों की मौत का पूरा ठीकरा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पर थोपना चाहते हैं। कर्मचारियों ने कहा कि कई बार कहने के बाद भी मुर्गियों का वैक्सीनेशन नहीं कराया गया। कर्मचारी अर्जुन सिंह, रघुवीर, रनवीर, मोहनलाल, देवजू, देवेंद्र, तुलसीपाल, इजहार खान ने डीएम से उत्पीड़न रोकने और अपर निदेशक को हटाने की मांग की है।
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पशुधन प्रसार अधिकारियों ने सौंपा ज्ञापन
मंडलीय पशुधन प्रसार अधिकारी संघ के बैनर तले अधिकारियों ने अपर निदेशक के खिलाफ कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। अधिकारियों ने कहा कि अपर निदेशक पशुधन प्रसार अधिकारियों का लगातार शोषण कर रहे हैं। राजकीय कुक्कुट प्रक्षेत्र में मुर्गियों की मौत हो रही है। प्रक्षेत्र पर तैनात प्रसार अधिकारी आसिफ हुसैन का चार महीने से वेतन रोक रखा है। वहीं महिला अधिकारी से अश्लील बातें करते हैं। मिलने के लिए फोर्स करते हैं। अधिकारियों ने कहा कि जिले में और भी वरिष्ठ अधिकारी हैं। उनको अपर निदेशक का चार्ज दिया जाए। इस मौके पर रामकुमार खरे, जितेंद्र सिंह, रामनरेश यादव, अखिलेश कुमार गौर, सनी भट्ट मौजूद रहे। ----------
पशु चिकित्सा संघ ने खारिज कि ए आरोप
अपर निदेशक के समर्थन में पशु चिकित्सा संघ ने आरोप खारिज किए हैं। संघ के महामंत्री ने डीएम को सौंपे ज्ञापन में कहा है कि अपर निदेशक पर लगाए गए आरोप निराधार और असत्य हैं। पशुधन प्रसार अधिकारी नियमित संस्थाओं पर नहीं मिलते हैं। जिसके बाद वेतन रोके जाने की कार्रवाई की जाती है। उन्होंने डीएम से शिकायत करने वाले अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है।