झांसी। सेना में हूं, मेरा ट्रांसफर अब बाहर हो गया है। दो महीने पहले ही बुलेट खरीदी थी, इसको कम दामों पर बेचना है। इस तरह के मैसेज व फोटो ओएलएक्स पर देखकर लोग महानगर में ओएलएक्स से बुलेट बाइक खरीदने वाले ठगी का शिकार हो रहे हैं। छह माह के भीतर 75 से अधिक लोग ठगी का शिकार हो चुके हैं।
ऑनलाइन शॉपिंग पोर्टल ओएलएक्स के नाम पर लोगों को ठगने का सिलसिला शुरू हो गया है। इस वेबसाइट पर विज्ञापन डालकर साइबर अपराधी लोगों को ठग रहे हैं। थाना कोतवाली के कल्लन शाह मजार के पास रहने वाले समद भी बुलेट के नाम पर 83 हजार रुपये का शिकार हुए हैं। कोतवाली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर पड़ताल शुरू कर दी है। समद की तरह महानगर के 75 से अधिक लोग इस गिरोह के शिकार हो चुके हैं। बताया गया है कि ओएलएक्स पोर्टल पर ठगों की पूरी नजर है। किसी भी बेचने वाले सामान का विज्ञापन इस साइट पर डाला जाता है तो इस पर गैंग के सदस्यों की नजर रहती है। वाहन की ऑनलाइन जानकारी के बाद ये गैंग पूरी रेकी कर उस विज्ञापन को हैक कर लेते हैं। फर्जी नंबर से फोन कर पूरी जानकारी जुटाई जाती है। इसके बाद गैंग के सदस्य लोगों को ठग रहे हैं।
इस तरह हो रही ठगी
ठग जिस सामान को बेचने का विज्ञापन डालते हैं, उसकी कीमत कम रखते हैं। जब खरीदार संपर्क करता है तब ठग खुद को बड़ा आदमी या सैनिक बताकर कहता है कि ट्रांसफर हो जाने के कारण कम कीमत पर बेच रहा है। रजिस्ट्रेशन, ट्रांसपोर्टेशन व अन्य खर्च की बात कहकर रुपये मांगकर ठगी करते हैं।
डालते हैं फर्जी आईकार्ड
खुद को सेना का जवान या अफसर होने का विश्वास दिलाने के लिए ठग आर्मी कैंटीन, आर्मी का फर्जी आईकार्ड व्हाट्सएप पर भेज विश्वास में लेकर ठगी का शिकार बनाते हैं। कई बार शिकार को आर्मी के अफसरों के साथ अपनी बहुत सारी फोटो भी भेजी जाती है।
केस नंबर 1
- प्रेमनगर स्थित पुलिया नंबर नौ निवासी पुष्पेंद्र ने बुलेट गाड़ी देखी, इसकी कीमत 75 हजार बताई गई। बातों में आकर उन्होंने खाते मेें 35 हजार रुपये डाल दिए। बाइक न आने के बाद उनको ठगी का अहसास हुआ। पुलिस इस मामले की भी जांच कर रही है।
केस नंबर 2
- सीपरी बाजार के आवास विकास निवासी नदीम ने भी 90 हजार मेें एक महीने पुरानी बुलेट देखी थी। लालच मेें आकर उन्होंने खातें में 15 हजार रुपये डाल दिए। पुन: संपर्क करने के बाद फोन बंद हो गया। लगातर संपर्क के बाद भी संपर्क नहीं हो सका।
इन बातों का रखें ख्याल
- जिस फोन नंबर से बैंक अकाउंट जुड़ा हो, उस पर आए किसी भी मैसेज के लिंक पर क्लिक न करें।
- पैसों के लेनदेन के लिए आए मैसेज को ध्यान से पढ़ें, उसमें अंग्रेजी से पैसे डेबिट होने की बात होती है।
- अगर ओएलएक्स पर कोई सामान का विज्ञापन देते हैं तो अपने नंबर को हाइड पर रखें।
- व्हाट्सएप पर चैट करने के बजाय कोशिश करें कि ओएलएक्स पर ही चैट हो।
ऑनलाइन शॉपिंग करते समय हमेशा सावधानी बरतें। पूरी जानकारी के बाद ही लेनदेन करें। सामान खरीदने से पहले कई बातों का ख्याल रखें। पुलिस ऐसे मामलों में जांच कर रही है।
राहुल मिठास, एएसपी