झांसी में अब शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में भी लॉकडाउन का सख्ती से पालन कराने के लिए पुलिस ड्रोन कैमरों से नजर रखेगी। तीन ड्रोन कैमरों के सहारे लॉकडाउन तोड़ने वाले चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन ने नगर के साथ अब देहात में लॉकडाउन का पालन करने को पूरी ताकत लगा दी गई है।
गांवों में लोग लॉकडाउन का पूरी तरह से पालन नहीं कर रहे है। लॉकडाउन की स्थिति जानने के लिए अब ड्रोन उड़ा कर गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी और जो भी लॉकडाउन का उल्लंघन करता मिलेगा, उस पर पुलिस कार्रवाई होगी।
पुलिस ने तीन ड्रोन कैमरे मंगाए हैं। जल्द ही इन कैमरों को उड़ाकर निगाह रखने की तैयारी है। ग्रामीण क्षेत्र में कहां-कहां भीड़ लग रही है, इसकी भी जानकारी ड्रोन कैमरे से पुलिस को मिलेगी। साथ ही बाइक पर तीन सवारियां चलने वालों पर भी पुलिस की नजर रहेगी। पुलिस सभी के ई-चालान कर मोबाइल पर मैसेज भेजेगी।
रमजान में दस्तरख्वान तक नहीं पहुंच सकेगा खजूर
रमजान में मुस्लिम समुदाय के बीच खजूर की काफी अहमियत होती है। इस साल देश व दुनियाभर में कोरोना का संकट के बीच रमजान का महीना पड़ रहा है। ऐसे में मुस्लिम समुदाय को इस बार रोजा खोलने के लिए खजूर की किल्लत का सामना करना होगा। बाहर से अब तक खजूर नहीं आ सका है।
लॉकडाउन के चलते माह-ए-रमजान में रोजेदारों को खजूर की किल्लत का सामना करना पड़ सकता है। दरअसल, देश में सऊदी अरब, ईरान, इराक, ट्यूनिशिया व इंडोनेशिया समेत अन्य खाड़ी देशों से खजूर आता है। लॉकडाउन की वजह से वर्तमान में आयात पर पाबंदी है।
ऐेसे में रमजान में इस बार खजूर का संकट रहेगा। सिर्फ शहर में नहीं बल्कि आसपास के जनपदों में भी खजूर नहीं मिल पाएगा। रमजान से पहले लॉकडाउन के कारण थोक कारोबारियों ऑर्डर बुक नहीं कर सके। रमजान में आमतौर पर खजूर से ही रोजा खोलते हैं।
रमजान से पहले ही शहर में देशी व विदेशी खजूर आ जाता था। सस्ते से लेकर महंगे खजूर शहर में उपलब्ध रहते थे। ऐसे में इस साल खजूर बाहर से न आने के कारण इसका असर रमजान पर पड़ना तय है। रमजान से पहले शहर में कई किस्म का खजूर आता था, जो दो से लेकर 250 रुपये किलो तक बिकता था।