झांसी। राजनीतिक विवादों में घिरे सीपरी बाजार थाने में 72 घंटे बाद भी थाना प्रभारी तैनात नहीं किया जा सका। इसके पीछे दो गुटों के बीच छिड़े राजनीतिक विवाद को बड़ी वजह माना जा रहा हालांकि इसके चलते अरविंद हत्याकांड के फरार हत्यारोपियों की धर पकड़ भी ठंडी पड़ गई। पांच दिन बाद भी पुलिस मुख्य हत्यारोपी का पता नहीं चला सकी।
प्रभारी मंत्री बेबी रानी मौर्या ने तत्कालीन सीपरी बाजार थाना प्रभारी आनंद सिंह के खिलाफ अमर्यादित आचरण करने की शिकायत डीजीपी से कर दी थी। उसमें सीपरी बाजार थाना प्रभारी को निलंबित करने की मांग की गई। इस मामले ने भूचाल ला दिया। सोशल मीडिया पर प्रभारी मंत्री का पत्र वायरल हो गया। पुलिस अफसरों ने आनंद सिंह को निलंबित करने के बजाए बीच का रास्ता निकालते हुए 10 सितंबर को उनका तबादला एएचटी शाखा में कर दिया। आनंद सिंह को सीपरी बाजार थाने से हटाने के बाद भी उनकी जगह तीन दिन बाद भी किसी को नहीं भेजा जा गया जबकि सबसे दुस्साहसिक वारदात का खुलासा करने की जिम्मेदारी सीपरी बाजार थानेदार पर ही है।
वहीं, आईजी आकाश कुलहरि का कहना है कि तकनीकी वजहों से अभी तक थानेदार की तैनाती नहीं हो सकी है। जल्द ही उनकी तैनाती कर दी जाएगी।