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थानों की जमीन पर कब्जे, खंगाले जा रहे हैं रिकार्ड

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झांसी। अपर पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर गठित हुई टीम इन दिनों जिले के थानों का इतिहास खंगालने में जुटी हुई है। साथ ही थानों के नाम दर्ज भूमि की भी तलाश की जा रही है। जमीन पर अतिक्रमण पाए जाने पर उसे साफ कराया जाएगा। इसके बाद थानों का सौंदर्यीकरण होगा।
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जिले के कई थाने आजादी से पहले अस्तित्व में आ चुके थे। थानों के नाम पर बड़े-बड़े भूखंड राजस्व अभिलेखों में दर्ज किए गए थे। लेकिन, आबादी के लगातार बढ़ते जाने और अनदेखी की वजह से कई थानों की जमीन पर अतिक्रमण हो गया, जिससे इनके परिसर सिकुड़कर छोटे से रह गए। लेकिन, अब थानों की जमीन की तलाश शुरू कर दी गई है। इसके लिए अपर पुलिस महानिदेशक ने टीम का गठन किया है, जिसमें पुलिस विभाग के अभियंता एके श्रीवास्तव, एडीजी पीआरओ जगदीश पांडेय व प्रतिसार निरीक्षक चंद्रभूषण पांडेय को शामिल किया गया है। टीम इन दिनों थानों का रिकॉर्ड खंगालने में जुटी हुई है। कई थानों की जमीन पर अतिक्रमण पाया गया है।
सबसे पुराना रक्सा थाना
झांसी। जांच में सामने आया है कि जिले का सबसे पुराना थाना रक्सा है। इसकी स्थापना 1829 में हुई थी। जबकि, इसके बाद गरौठा थाना 1830 और बरुआसागर थाना 1854 में अस्तित्व में आया था। टहरौली में थाने की स्थापना 1879 में हुई थी। चिरगांव, कटेरा व उल्दन थाना 1903 में अस्तित्व में आए थे। 1907 में पूंछ और थाना सदर बाजार की स्थापना हुई थी। एरच थाना 1950 और कोतवाली 1957 में बनी थी। वहीं, धमना चौकी 1854 में गठित हुई थी। इसके अलावा अन्य थानों का रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है।
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