देश भर में चल रहे तब्लीगी जमात के खौफ के बीच शहर की एक मस्जिद में पिछले दस-बारह दिनों से रुके कानपुर के आठ लोगों को पुलिस ने उठाया है। अब पुलिस इसकी जांच कर रही है कि वह लोग दिल्ली में तब्लीगी जमात में शामिल हुए थे या नहीं।
उधर, महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के एक जूनियर डॉक्टर की इंदौर मेडिकल कालेज में कार्यरत पत्नी कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद हड़कंप मचा हुआ है। इस बात का पता लगने के बाद पुलिस ने सख्ती बरतना शुरू कर दी है।
महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के एक जूनियर डॉक्टर की इंदौर मेडिकल कालेज में कार्यरत पत्नी कोरोना पॉजिटिव पाई गई हैं। वे 19 से 24 मार्च के बीच झांसी में थीं। इस अवधि में उनके पति कई लोगों के संपर्क में आए थे। अभी चिकित्सक का सैंपल भरकर जांच के लिए भेजा गया है।
अगर चिकित्सक की रिपोर्ट पॉजीटिव आती है तो उनके संपर्क में आए दूसरे चिकित्सकों व अन्य लोगों का सैंपल भी जांच के लिए भेजा जाएगा। वहीं, इस मामले के बाद से जिला प्रशासन लॉकडाउन को लेकर बेहद सतर्क हो गया है।
जिलाधिकारी ने अलग- अलग जरूरत के लिए मांगे गए पासों पर रोक लगा दी है। बृहस्पतिवार की सुबह से ही पुलिस सभी मुख्य चौराहों व सड़कों पर सक्रिय हो गई। वाहन चालकों को रोककर उनको वापस लौटाया जा रहा है। पैदल जाने वाले लोगों को भी तुरंत अपने घर पहुंचने की चेतावनी दी जा रही है।
एक अन्य जानकारी के अनुसार, जिले में तीन स्थानों पर ठहरे दिल्ली, कोलकाता, पौड़ी गढ़वाल से आए तब्लीगी जमात के 21 लोगों की कोरोना जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से 23 तब्लीगी जमातियों का सैंपल भेजा गया था, इनमें दो लोगों की रिपोर्ट अभी आनी बाकी है। रिपोर्ट निगेटिव आने के बावजूद इनका नियमित स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा।