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हिस्ट्रीशीटरों की पुलिस खींचेगी फोटो, वीडियो भी बनाएगी

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झांसी। कानपुर में हुई घटना के बाद से पुलिस ने हिस्ट्रीशीटरों को रडार पर लेना शुरू कर दिया है। अब हर हिस्ट्रीशीटर के घर जाकर पुलिसकर्मी पूछताछ का वीडियो बनाकर फोटो खींचकर त्रिनेत्र एप पर डालेंगे। यदि वह घर पर नहीं मिलता है तो परिजन व रिश्तेदारों से भी जानकारी ली जाएगी।
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जिले के सभी थाना क्षेत्रों में 800 हिस्ट्रीशीटर सामने आए हैं। जिसमें से कुछ सक्रिय हैं, जिन पर पुलिस शिकंजा कसने में जुट गई है। हिस्ट्रीशीटरों की गतिविधियों का पुलिस पता कर रही है। सभी के सत्यापन के आदेश डीजीपी स्तर से दिए गए हैं। जिसमें पुलिसकर्मी हिस्ट्रीशीटरों के घर जाकर पूछताछ करेंगे बल्कि उसका वीडियो भी बनाएंगे। वहीं हिस्ट्रीशीटर की फोटो भी लेकर त्रिनेत्र एप पर डाली जाएगी।
इसके पीछे माना जा रहा है कि कई अपराधियोें की हाल की फोटो न होने के कारण उन्हें पकड़ने में परेशानी होती है।
हिस्ट्रीशीटरों की फोटो अलग से पुलिस के पास भी होगी। आदेश में कहा कि अगर कोई हिस्ट्रीशीटर घर पर नहीं मिलता है तो परिजन व रिश्तेदारों से उसकी जानकारी ली जाए। अगर किसी के मकान पर ताला मिलता है तो पड़ोसी से पूरा विवरण लेकर पुलिस एकत्रित करेगी।
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ऐसे खुलती है हिस्ट्रीशीट
हिस्ट्रीशीट को दो श्रेणी ए व बी में बांटा गया है। ए श्रेणी में उन अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोली जाती है, जो छोटे अपराध करने के अभ्यस्त हैं और उनमें सुधार की कोई गुंजाइश दिखाई न दे। ए श्रेणी की हिस्ट्रीशीट एसपी खोल देते हैं। बी श्रेणी की हिस्ट्रीशीट जघन्य अपराधियों की खोली जाती है। यह हिस्ट्रीशीट पुलिस महानिरीक्षक द्वारा अनुमोदित की जाती है।
हिस्ट्रीशीटरों पर हर तरीके से नजर रखी जा रही है। अब उनकी वीडियो व लेटेस्ट फोटो भी पुलिस अपने पास रखेगी। सारी जानकारी नए तरीके से जुटाई जाने लगी है। राहुल श्रीवास्तव, एसपी सिटी।
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