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Jhansi News: बदमाशों के साथ मोबाइल नेटवर्क भी तलाश रही पुलिस

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अमर उजाला ब्यूरो

झांसी। तीन नए कानून लागू होने के बाद से पुलिसकर्मियों के सामने नई परेशानी भी पैदा हुई है। नए प्रावधान में बदमाशों की धरपकड़ के समय ही ई-साक्ष्य एप पर इसका लाइव वीडियो बनाकर अपलोड करना अनिवार्य कर दिया गया है, लेकिन दूर-दराज के इलाकों में मोबाइल नेटवर्क न होने से पुलिस चकरघिन्नी बनी रहती है। इन इलाकों में पुलिस को अक्सर बदमाशों के साथ मोबाइल नेटवर्क भी तलाशना पड़ता है।
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एक जुलाई 2024 से लागू हुए तीन नए कानून कई मामलों में पुलिस के गले की फांस हैं। जहां बीएनएस की धाराएं उनको रटनी पड़ रही हैं, वहीं भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए) के तहत उन्हें किसी अपराधी को पकड़ने के दौरान वीडियो भी बनाना अनिवार्य है। इसे बनाकर घटना स्थल से ही ई-साक्ष्य एप पर अपलोड करना होता है। इस वीडियो को कोर्ट मेंं पेश करना होता है। इस वजह से यह काफी अहम कड़ी है, लेकिन पुलिसकर्मियों के सामने परेशानी यह है कि धरपकड़ के अधिकांश मामले सुदूर इलाके में होते हैं जबकि वहां मोबाइल नेटवर्क काम नहीं करता। ऐसे में मौके पर फर्द (रिपोर्ट) तैयार नहीं हो पाती। पुलिस सूत्रों का कहना है कि ई-साक्ष्य एप दूरदराज के इलाकों में काम करना बंद कर देता है। एरच, सकरार, गरौठा, टोड़ीफतेहपुर, कटेरा जैसे तमाम थाने बेहद सुदूर हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि इसी वजह से पुलिस के निरोधात्मक कार्रवाई में कमी आई है। एसपी सिटी ज्ञानेंद्र सिंह का कहना है कि पुलिस को अत्याधुनिक उपकरण मुहैया कराए जा रहे हैं। उनकी मदद से एप पर जल्द वीडियो अपलोड करने में सुविधा होगी।
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