झांसी। पंचायत चुनाव से पहले पुलिस ने अपराधियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। दो माह में जिले की पुलिस ने 98 लोगों को पाबंद किया है। अप्रैल तक पुलिस तीन हजार से अधिक लोगों पर करेगी कार्रवाई। इसके लिए थानावार सूची तैयारी की जा रही है।
पंचायत चुनाव नजदीक आने से पहले पुलिस ने अपराधियों से लेकर खुराफातियों पर नकेला कसना शुरू कर दिया है। चुनाव से पहले पुराने विवाद बड़ा रूप धारण न कर लें, इसको लेकर ऐसे लोगों को पाबंद किया जा रहा है। थानावार ऐसे लोगों की सूची तैयार की जा रही है। दो माह में जिले की पुलिस 98 लोगों को पाबंद कर चुकी है। अप्रैल तक तक तीन हजार से अधिक लोग कार्रवाई की जद में शामिल होंगे।
बताया गया है कि पिछली दफा पंचायत चुनाव के पुराने रजिस्टर को पुलिस खंगालने में जुट गई है। पुलिस पता लगा रही है कि किस गांव में विवाद हुआ था और इसकी वजह क्या थी। उसमें कौन से लोग शामिल थे और इस समय वे कहां हैं। इस आधार पर पुलिस पूरी जांच कर कार्रवाई में जुट गई है, ताकि आगामी चुनाव के दौरान माहौल न बिगड़ सके।
विवाद में पड़ी पुलिसकर्मी तो होगी सख्त कार्रवाई
अकसर चुनाव के समय पुलिस पर भी अंगुली उठती है। इसे लेकर एसएसपी दिनेश कुमार पी ने पुलिस वालों को पहले से ही चेता दिया है कि कहीं पर भी पुलिस खुद विवाद में नहीं पड़ेगी। अगर ऐसी शिकायत कहीं से भी आई तो जांच कराकर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में लीपापोती बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस धारा के तहत हो रही कार्रवाई
धारा 107/16 के तहत शांतिभंग की आशंका में लोगों को पाबंद किए जाने का प्रावधान है। पुलिस अपराधों पर नियंत्रण के लिए इसकी कार्रवाई करती है। धारा 107/16 के तहत पुलिस की रिपोर्ट के तहत मजिस्ट्रेट संबंधित व्यक्ति को नोटिस जारी करता है। इसके बाद उस व्यक्ति को अदालत में हाजिर होकर मुचलका भरना पड़ता है। पाबंद की अवधि छह महीने तक की होती है। इसे साल भर तक के लिए बढ़ाया जा सकता है।
पंचायत चुनाव को देखते हुए पुलिस खुराफातियों को पाबंद कर रही है। यह कार्रवाई हिंसा होने के अंदेशे को देखते हुए होती है। पुलिस लगातार अपराधियों पर कार्रवाई कर रही है। शातिर अपराधियों पर भी शिकंजा कसा जा रहा है। नैपाल सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक देहात