झांसी। बबीना क्षेत्र की पुनर्वास की जमीन पर मालिकाना हक की मांग को लेकर सोमवार को किसान पंचायत के बैनर तले किसानों ने कलेक्ट्रेट में धरना - प्रदर्शन किया। इस दौरान कई बार प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, पर किसान अपनी मांग पर अड़े रहे। शाम को पुलिस ने किसान नेता महेंद्र शर्मा समेत 11 को हिरासत में लेते हुए किसानों को खदेड़ दिया। इस दौरान दो किसानों को चोटें भी आईं। देर रात पुलिस ने पकड़े गए सभी किसानों के खिलाफ शांति भंग में मुकदमा दर्ज करते हुए न्यायालय में पेश किया। जहां से दो लोगों को जेल भेज दिया गया, शेष को जमानत पर छोड़ दिया गया। वहीं, कलेक्ट्रेट के बाहर सड़क पर देर रात तक किसानों का डेरा रहा।
पुनर्वास की जमीन पर मालिकाना हक की मांग को लेकर बबीना क्षेत्र के किसान लंबे समय से आंदोलनरत हैं। इसी क्रम में सोमवार की सुबह को किसान कलेक्ट्रेट परिसर में डीएम ऑफिस के सामने बेमियादी धरने पर बैठ गए। दिन भर किसान यहां जमे रहे। इस दौरान एसडीएम (सदर) निखिल फुंडे, उप संचालक चकबंदी भगवान शरण व तहसीलदार राजेंद्र बहादुर किसानों के बीच पहुंचकर उन्हें समझाने का प्रयास किया। अधिकारियों ने किसानों को बताया कि यह निर्णय तत्काल नहीं लिया जा सकता है, इसके लिए प्रक्रिया पूरी करनी होगी। जबकि, किसानों का कहना था कि इससे पूर्व भी उन्हें कई बार यह आश्वासन मिल चुका है, लेकिन धरातल पर कुछ नहीं हुआ। मांग पूरी न होने तक वह कलेक्ट्रेट में ही डटे रहेंगे। किसान व अधिकारियों के बीच कई दौर में बातचीत हुई, परंतु किसान अपनी मांग पर अड़े रहे। शाम तकरीबन पांच बजे भारी संख्या में पुलिस के जवान मौके पर पहुंच गए। उन्होंने धरना दे रहे किसानों को तितरबितर करते हुए बुंदेलखंड किसान पंचायत के अध्यक्ष महेंद्र शर्मा समेत कमल सिंह, भान सिंह, रूप सिंह, गनेश, रमेश, अमर सिंह, जोगेंद्र सिंह, लज्जा राम, भागीरथ व संतोष कुमार पचौरी को हिरासत में ले लिया। इससे यहां अफरातफरी मच गई। गिरफ्तारी से किसान आक्रोशित हो गए। उन्होंने इसका कड़ा विरोध किया। किसानों की पुलिस से धक्कामुक्की भी हुई। इससे दुर्गापुर के किसान जगदीश व लालाराम को चोटहिल भी हो गए। कलेक्ट्रेट से हटाए जाने के बाद किसान गेट के बाहर आकर लेट गए। देर रात तक दर्जनों की संख्या में किसान यहां जमे रहे। वहीं, नवाबाद थाना पुलिस ने हिरासत में लिए गए किसानों के खिलाफ शांति भंग के आरोप में धारा 151 के तहत कार्रवाई करते हुए देर रात उन्हें न्यायालय में पेश किया। महेंद्र शर्मा व संतोष कुमार पचौरी को न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया गया, शेष नौ लोगों को जमानत दे दी गई है।