झांसी। जिले में मिलावटी शराब बनाने वाले माफिया व बालू कारोबारी पुलिस पर भी हावी रहे। पुलिस और आबकारी विभाग द्वारा माफिया पर कार्रवाई करने पर पिछले दो साल में आठ बार हमले हो चुके हैं। इसके बाद भी पुलिस ने बालू माफिया को भी पकड़ा। साथ ही आबकारी टीम ने भी 191 शराब माफियाओं पर कार्रवाई की है।
मंगलवार को कासगंज जिले में शराब माफिया द्वारा पुलिस टीम पर किए गए हमले में एक सिपाही की जान चली गई। झांसी जिले में इस तरह के हमले पहले भी हो चुके हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो कोरोना काल के बाद से पुलिस व आबकारी टीम ने जिले भर मेें शराब माफियाओं पर खूब कार्रवाई की। कबूतरा डेरों पर पहुंचकर पुलिस व आबकारी टीमों ने लाखों लीटर शराब बरामद की। इस बीच 191 कारोबारियों पर कार्रवाई भी की गई। कार्रवाई के दौरान टीमों की खूब झड़प हुई। इसे देखते हुए पुलिस अधिकारियाें ने भारी फोर्स के साथ चेकिंग के निर्देश दिए थे। इसके बाद से पुलिस व आबकारी टीम मिलकर कार्रवाई कर रही है। भारी फोर्स के साथ पीएसी को भी साथ में लिया जाता है।
जेसीबी चालकों को धमका रहे शराब माफिया
कार्रवाई के दौरान आबकारी टीम जेसीबी मशीन भी साथ लेकर जाती है। ऐसे में पुलिस के पास शिकायतें आ रही हैं कि कार्रवाई के बाद शराब माफिया मशीन चालकों को धमका रहे हैं। ऐेसे में उनको भी डर बना हुआ है। पुलिस ऐसे मामलों में भी कार्रवाई की तैयारी में है।
केस 1
17 जून को गरौठा थाना क्षेत्र में बालू से भरी ट्रैक्टर-ट्राली रोकने पर खनन माफियाओं ने एसडीएम के होमगार्ड शिवराम की पिटाई कर दी थी। चालक ट्रैक्टर लेकर भाग निकला था।
केस 2
7 मार्च को बड़ागांव स्थित गढ़मऊ-पालर मार्ग पर कोछाभांवर के पास ट्रैक्टर-ट्राली रोकने पर गुस्साए चालक ने तहसीलदार की गाड़ी में टक्कर मारकर भाग निकला था।
केस 3
9 जून को बबीना के खजराहा बुजुर्ग में अवैध शराब के अड्डे पर दबिश देने गई आबकारी टीम के साथ धक्का-मुक्की कर हमला कर दिया था।
केस 4
19 जनवरी को थाना टोड़ीफतेहपुर क्षेत्र में भी आबकारी टीम को घेर लिया था। जान बचाकर सभी भाग निकले थे। बाद में टीम ने कार्रवाई कराई थी।
पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। कई कारोबारियों पर गैंगस्टर की भी कार्रवाई की गई है। हर तरीके से अवैध कारोबारियों पर शिकंजा कसा जा रहा है। विवेेक त्रिपाठी, एसपी सिटी